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लंच के सहारे आंध्र, तेलंगाना को साधने की कोशिश! दक्षिण भारतीय छात्रों से सीतारमण की मुलाकात

आंध्र प्रदेश में लोकसभा की 25 सीटों और विधानसभा की 175 सीटों पर एक साथ 13 मई को मतदान होना है. तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों पर भी उसी दिन मतदान होना है. छात्रों ने जैसे ही दोपहर का भोजन करना शुरू किया, सीतारमण ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि वे ठीक से खाना खाएं. वित्त मंत्री ने छात्रों की थाली में बची सब्जियों की ओर इशारा करते हुए कहा, “मैं सुन रही हूं, आप कृपया खाइए” घंटे भर लंबी बातचीत के दौरान वित्त मंत्री ने अपने छात्र जीवन के किस्से भी साझा किए.

जब एक विद्यार्थी ने सीतारमण से मदुरै में ग्रैजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनके जीवन के बारे में पूछा, तो बीजेपी नेता ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की प्रवेश परीक्षा के लिए दिल्ली की अपनी यात्रा का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “मैं तीन विषयों की प्रवेश परीक्षा में शामिल हुई और अंतत: एमए अर्थशास्त्र पाठ्यक्रम चुना. इसके बाद, मैंने एमबीए किया और पीएचडी शुरू की लेकिन उसे पूरा नहीं कर पाई.”

राजनीतिक करियर पर वित्त मंत्री की सलाह

जब आंध्र प्रदेश के कडापा जिले के छात्र और राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी कुशल ने राजनीतिक करियर शुरू करने पर उनकी सलाह मांगी तो चर्चा उस वक्त राजनीति के क्षेत्र में पहुंच गई. इस दौरान सीतारमण ने कहा, “पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें. अपनी पढ़ाई को छोड़कर राजनीति में आना बिल्कुल गलत है. आपको राजनीति को एक वैकल्पिक करियर के रूप में रखना चाहिए.” उन्होंने कहा, “मैं बहुत देर से राजनीति में आई और पार्टी ने मुझे अवसर दिया.”

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बातचीत के आगे बढ़ने पर, सीतारमण ने विद्यार्थियों की विभिन्न चिंताओं को दूर करने की कोशिश की. विधि के छात्र प्रियम ने तमिल राजनीति पर बात करते हुए दिल्ली में तमिल छात्रों के भेदभाव का सामना करने की बात कही, जिसपर वित्त मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश की.  सीतारमण ने कहा, “तमिलनाडु में और अन्य जगहों पर की जाने वाली राजनीति में कोई अंतर नहीं है. हमें अपने मूल निवास स्थान और राज्य पर गर्व करना चाहिए, हमें निराश नहीं होना चाहिए.”

आंध्र,तेलंगाना में बीजेपी की संभावना पर क्या बोलीं सीतारमण?

दक्षिणी राज्यों के लिए एक विवादास्पद मुद्दा, लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन पर सीतारमण ने संवैधानिक प्रक्रिया पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “यह बीजेपी की संस्था नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्था है जो राज्यों के साथ परामर्श के बाद निर्णय लेगी.” उन्होंने कहा, “एक विश्वसनीय संस्था निर्णय करेगी. कुछ भी निर्णय करने से पहले हमें दक्षिणी राज्यों को नुकसान होने की चिंता नहीं करनी चाहिए.”

तेलुगु भाषी दो राज्यों में बीजेपी की संभावना पर उन्होंने कहा, “दोनों दक्षिणी राज्यों में बीजेपी गठजोड़ को पॉजिटिव प्रतिक्रिया मिल रही है. तेलंगाना भ्रष्टाचार और झूठे वादों के चलते ऋण के बोझ तले दब गया है. मेरा मानना है कि लोग बीजेपी को वोट देंगे.” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि पार्टी को आंध्र प्रदेश में अच्छा-खासा समर्थन मिलेगा. बता दें कि बीजेपी आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) और पवन कल्याण की जनसेना के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही है.

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(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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