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‘सशक्त नारी, समृद्ध छत्तीसगढ़’: राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र…

रायपुर: प्रधानमंत्री मोदी की सौगातों से आरम्भ छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का आज दूसरा दिन भी कई कारणों से ध्यान आकर्षित करने वाला रहा है। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव की उपलब्धियों में शामिल महिला एवं बाल विकास विभाग की स्टॉल महिला सशक्तिकरण की अप्रतिम उदाहरण है। इस स्टॉल में जाकर ऐसा लगता है जैसे यहाँ सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि महिलाओं के बदलते जीवन की गाथा सजी हुई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की इस स्टाल में यहाँ हर योजना से जुड़ी महिलाओं की मुस्कान आत्मविश्वास की कहानी कहती है और हर उत्पाद उस मेहनत का प्रतीक है, जिसने घर की सीमाओं से बाहर आकर एक नई पहचान बनाई है।

राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

“महतारी वंदन” से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ती कदम

महतारी वंदन योजना की राशि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की नई कहानी लिख रही है। हर महिला के लिए प्रति माह मिलने वाली 1000 रुपए अब सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वावलंबन का प्रतीक बन चुकी हैं।

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु प्रारंभ की गई महिला उत्थान योजना आज हज़ारों घरों में नई ऊर्जा भर रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र महिला को 1000 रुपए की मासिक सहायता राशि दी जा रही है, जो उनके लिए आत्मनिर्भरता की पहली सीढ़ी बनी है।

पुष्पा बाई की मुस्कान में आत्मविश्वास की चमक

अभनपुर की पुष्पा बाई पहले घर के छोटे-मोटे खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं। लेकिन जब उन्हें महिला उत्थान योजना के तहत हर महीने 1000 रुपए मिलने लगी, तो उन्होंने अपने सपनों को सिलाई मशीन से जोड़ दिया। आज वे न केवल अपने गाँव की महिलाओं के कपड़े सिलती हैं, बल्कि आस-पास के हाट-बाज़ार में अपने बनाए बैग और बच्चों के कपड़े बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी कमा रही हैं।

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राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

पुष्पा बाई कहती हैं –
“पहले मैं सोचती थी कि 1000 रुपए से क्या होगा, लेकिन अब समझ आई कि यही मेरे आत्मनिर्भर बनने की पहली सीढ़ी थी।”

मंजू का हौसला दृ मिट्टी से सोना उगाने की कहानी

उपरवारा की मंजू ने इस राशि को अपने सपनों का बीज बना लिया। उन्होंने 1000 रुपए से सब्जी के पौधे और बीज खरीदी और घर के पीछे की छोटी-सी ज़मीन में एक “पौष्टिक बाड़ी” तैयार की। आज उनके घर के आँगन में उगती भिंडी, लौकी और टमाटर न केवल उनके परिवार के लिए पोषण का स्रोत बने हैं, बल्कि वे इन सब्ज़ियों को बेचकर हर माह अतिरिक्त आमदनी भी कमा रही हैं।

मंजू गर्व से कहती हैं कृ “अब मुझे लगता है, मेरे हाथों में ही मेरे परिवार का भविष्य है।”

राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

नारी सृजन और स्व-सहायता समूहों की प्रेरक मिसालें

महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल का एक विशेष आकर्षण यह भी है कि यहाँ महिला स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक लाभ की पूरी जानकारी उपलब्ध करायी जा रही है।

हाथ से बने पारंपरिक बांस उत्पाद, सुगंधित आचार-पापड़ और पौष्टिक बाड़ी के सामान कृ सबमें झलकता है नारी की सृजनशीलता और मातृभूमि की मिट्टी का संगम है।

प्रत्येक उत्पाद यह संदेश देता है कि जब महिलाओं को अवसर, सम्मान और विश्वास मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन में, बल्कि समाज में भी परिवर्तन ला सकती हैं।

समग्र विकास की दिशा में कदम

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी में पोषण अभियान, आंगनबाड़ी में उपलब्ध करायी जा रही सेवाएँ, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सखी वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं की झलक भी देखने को मिलती है।
यह प्रदर्शनी दर्शाती है कि विभाग का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल और समग्र विकास की दिशा में निरंतर कार्य करना है।

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राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

इसलिए ही कहा जाता है-

“जब माँ सशक्त होती है, तब भविष्य सुरक्षित होता है।”

नारी शक्ति से नवा छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार का यह संकल्प स्पष्ट है कि महिलाएँ केवल परिवार नहीं, बल्कि समाज और राज्य की प्रगति की दिशा तय करती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की यह प्रदर्शनी इस संकल्प का साकार रूप है-
जहाँ हर रंग, हर तस्वीर और हर उत्पाद यही कहता है-कि

“हम बदल रहे हैं और हमारे साथ बदल रहा है पूरा छत्तीसगढ़।”

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