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कुवैत में खाक सपनों का दर्द: ये कोई जाने की उम्र थी… कलेजा चीर रही केरल की यह तस्वीर

मानों उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा हो कि उनका बेटा अब उनके बीच नहीं है. सिबिन टी के पिता को जब बेटे के कॉफिन के पास ले जाया गया तो वो उससे लिपट कर ऐसा रोए मानों अब धरती फट जाएगी. एक पिता का अपने बेटे को याद कर इस तरह भावुक होने का यह दृश्य जिस किसी ने भी देखा वो अपने आंसू नहीं रोक पाया. 

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सिबिन की एक बेटी भी है जिसका पहला जन्मदिन अगले ही महीने है. इस मौके पर सिबिन को कुवैत से वापस आना था. सिबिन पिता और घर के अन्य सदस्य अपनी पोती के पहले जन्मदिन की तैयारियां को लेकर भी से लिस्ट तैयार कर रहे थे. बीच में सिबिन से भी बात हुई थी जिसमें उन्हें बताया गया था कि उनकी बेटी का पहला जन्मदिन बहुत धूम-धाम से मनाया जाएगा. लेकिन परिवार की सभी खुशियों को उस एक आग ने जलाकर राख कर दिया है. सिबिन की एक साल की बेटी को अभी अपने पिता के साथ खूब खेलना था. उन्हें रात-रात भर तंग करना, उन्हें रात भर नींद से जगाकर रखना था. अभी तक तो इस नन्हीं सी जान ने अपने पिता को पहचानना शुरू ही किया था. पर अब वह अपने पिता से कभी नहीं मिल पाएगी. उनके साथ खेल नहीं पाएगी. पता नहीं उसका परिवार अब इस नुकसान की भरपाई कैसे कर पाएगी. 

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केरल के कोट्टायम के रहने वाले श्रीहरि भी उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने इस आग में अपनी जान गंवाई है. श्रीहरि की तो यह पहली नौकरी थी. अभी करीब महीने भर पहले ही तो कुवैत जाकर नौकरी शुरू की थी. उन्हें तो अभी अपनी पहली सैलरी का इंतजार था. वो अपनी पहली सैलरी से मां को सरप्राइज गिफ्ट देने वाले थे.  लेकिन वो ऐसा कर नहीं पाए. उनके परिवार के लिए तो कुवैत की इमारत में लगी उस आग ने ना सिर्फ उस इमारत को ही जलाया बल्कि उसके साथ-साथ उनके तमाम सपनों को भी खत्म कर दिया है. 

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