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जीएसटी दरों में हुआ बदलाव, निर्मला सीतारमण ने किन चीजों में दी छूट? यहां जानें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के साथ बजट पूर्व परामर्श किया. इसके बाद आज जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद की 53वीं बैठक हुई. सरकारी मुकदमों को कम करने के लिए जीएसटी परिषद ने विभिन्न अपीलीय प्राधिकरणों के समक्ष कर विभाग द्वारा अपील दायर करने के लिए एक मौद्रिक सीमा तय की है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने बैठक के बाद कहा कि जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए 20 लाख रुपये, उच्च न्यायालय के लिए एक करोड़ रुपये और सर्वोच्च न्यायालय के लिए दो करोड़ रुपये की मौद्रिक सीमा तय करने की सिफारिश की गई है.

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यदि मौद्रिक सीमा, जीएसटी परिषद द्वारा तय सीमा से कम है, तो कर प्राधिकरण आमतौर पर अपील नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि परिषद ने यह भी सिफारिश की है कि अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने के लिए पूर्व जमा की अधिकतम राशि सीजीएसटी और एसजीएसटी के लिए 25 करोड़ रुपये से घटाकर 20 करोड़ रुपये की जाए. वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि भारतीय रेलवे की प्लेटफॉर्म टिकट, विश्राम कक्ष और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं जीएसटी से अब मुक्त हैं.

छात्रावास सेवाओं के लिए छूट की घोषणा

वित्त मंत्री ने कहा कि इसके अलावा परिषद ने शैक्षणिक संस्थानों के बाहर छात्रावास सेवाओं के लिए 20,000 रुपये प्रति व्यक्ति प्रति माह तक छूट दी है. उन्होंने कहा कि यह छूट छात्रों या कामकाजी वर्ग के लिए है और कम से कम 90 दिनों तक रहने पर इसका लाभ उठाया जा सकता है.  शैक्षणिक संस्थानों के बाहर रहने वाले छात्रों के माध्यम से प्रति व्यक्ति प्रति माह 20,000 रुपये तक की सेवाओं को छूट देती है. हालांकि, शर्त यह होगी कि छात्र को लगातार 90 दिनों तक छात्रावास में रहना होगा. यह शर्त होटलों को छूट का लाभ उठाने से रोकने के लिए पेश की गई है.

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रेलवे टिकटों की खरीद और वेटिंग रूम और क्लॉक रूम शुल्क के भुगतान को जीएसटी से छूट दी गई है. इसी तरह, अब बैटरी चालित वाहनों और इंट्रा-रेलवे सेवाओं जैसी सेवाओं पर कोई जीएसटी नहीं लगाया जाएगा. जीएसटी परिषद ने कर मांग नोटिस पर जुर्माने पर ब्याज की छूट और दूध के डिब्बे पर 12 प्रतिशत की दर की सिफारिश की. बजट-पूर्व बैठक में, निर्मला सीतारमण ने विकास को बढ़ावा देने के लिए समय पर कर टैक्स हस्तांतरण और जीएसटी क्षतिपूर्ति बकाया के माध्यम से राज्यों को केंद्र के समर्थन को रेखांकित किया. उन्होंने राज्यों से उस योजना का लाभ उठाने को कहा, जिसके तहत केंद्र स्पेसिफाइड रिफॉर्म्स के लिए राज्यों को 50 साल का ब्याज मुक्त ऋण देता है.

उर्वरक पर मंत्रिसमूह को सिफारिश

आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पी केशव ने बताया कि जीएसटी परिषद ने उर्वरक क्षेत्र को मौजूदा पांच प्रतिशत जीएसटी से छूट देने की सिफारिश को मंत्रिसमूह के पास भेज दिया है. दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिए गठित मंत्रिसमूह अब इस मुद्दे पर विचार करेगा. इस समय उर्वरकों पर पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाता है, जबकि सल्फ्यूरिक एसिड और अमोनिया जैसे कच्चे माल पर 18 प्रतिशत की उच्च जीएसटी दर है.

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