"दिल में कुछ है, लेकिन बोल नहीं पा रहा…" : 2024 के रिजल्ट से पहले क्या कहते-कहते रुक गए मुख्य चुनाव आयुक्त?


नई दिल्ली:
लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे मंगलवार (4 जून) को आने हैं. वोटों की काउंटिंग और रिजल्ट से पहले दिल्ली में चुनाव आयोग (Election Commission) ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. ऐसा पहली बार है, जब लोकसभा चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पूरी चुनाव प्रक्रिया और EC पर लगे तमाम आरोपों का जवाब दिया. CEC राजीव कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया पर ‘लापता जेंटलमैन’ जैसे मीम चले, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. चुनाव आयोग के अधिकारी कभी लापता थे ही नहीं. विपक्ष के नेताओं के आरोपों पर CEC ने कड़ी आपत्ति भी जताई. उन्होंने एक जगह खुद को कंट्रोल करते हुए कहा, “इन आरोपों पर दिल में कुछ है, लेकिन बोल नहीं पा रहा हूं.”
CEC राजीव कुमार ने कहा, “कहीं भी हमारी गलती हो, तो हमें बताइए, लेकिन काउंटिंग सेंटर पर नहीं. जो काउंटर पर बैठे हैं, जो कंटेस्ट कर रहे हैं उनकी कोई शिकायत नहीं है. फिर पता नहीं कहां से शिकायत है. सब पारदर्शिता से काम होगा. अगर फिर भी कोई गलत मंशा से उपद्रव करना चाहता है, तो फिर उनसे सख्ती से निपटें.” CEC ने फिर शायराना अंदाज में कहा, “मंज़ूर है इल्ज़ाम लगाओ हम पर, शर्त इतनी है कि साथ में सबूत भी हो.”
Press Conference by Election Commission of India https://t.co/UjtUdjvJ9b
— Election Commission of India (@ECISVEEP) June 3, 2024
‘लापता जेंटलमैन’ के आरोपों का दिया जवाब
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, “निर्वाचन आयुक्तों को सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने ‘लापता जेंटलमैन’ नाम दिया. लेकिन हम हमेशा यहीं थे, कभी नदारद नहीं रहे. कोई ऐसा नहीं बचा, जिसका हेलीकॉप्टर चेक न हुआ हो. यह मैसेज था कि जो टीम काम कर रही है वह डरेगी नहीं. इसका नतीजा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव के दौरान कैश, गिफ्ट, नशे की चीजें और शराब समेत 10,000 करोड़ रुपये मूल्य की जब्ती की गई. जबकि 2019 में 3,500 करोड़ रुपये की जब्ती की गई थी. लोकसभा चुनाव 2024 के लिए करीब 4 लाख गाड़ियों, 135 स्पेशल ट्रेनों और 1692 उड़ानों का इस्तेमाल किया गया.”
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फेक न्यूज रोकी, लेकिन खुद पर हुए हमले नहीं रोक पाए
राजीव कुमार ने कहा, “हमने फेक न्यूज रोकी, लेकिन खुद पर होने वाले हमले नहीं रोक पाए.” कांग्रेस नेता जयराम रमेश के आरोपों का जवाब देते हुए CEC ने कहा- “शक का इलाज तो हकीम लुकमान के पास भी नहीं है.” कांग्रेस नेता ने शनिवार को आरोप लगाया था कि 150 कलेक्टरों को धमकाया गया है.
वोटर टर्नआउट में कुछ गड़बड़ नहीं हुआ
CEC राजीव कुमार ने कहा, “2019 में एक वोटर टर्नआउट को लेकर केस आया. उसमें भी हमने जवाब दिया. वो भी इतने दिन चुप था. उसमें आरोप था कि हमने वोटर टर्नआउट का डाटा नहीं दिया. वोटर टर्नआउट में कुछ भी गड़बड़ नहीं हुआ. वोटर टर्नआउट का डाटा जैसे आपको मिला, वैसे ही हमें मिला. इसमें कुछ गड़बड़ नहीं हुआ.”
पैसे और फ्रीबीज रोके
राजीव कुमार ने कहा, “पहला मौका है जब हमने इलेक्शन में 100 प्रेस नोट जारी किए. हमने 4 M की बात की थी. किसी भी नेता के मुंह से कोई ऐसी बात न निकले, जिससे महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचे. इसका पूरा ध्यान रखा गया. चुनाव के दौरान किसी ने ऐसा किया, तो सख्त एक्शन लिया गया. 31 करोड़ महिला वोटर्स हैं, यह आंकड़ा दुनिया में सबसे अधिक है. हमें इन महिला मतदाताओं का खड़े होकर सम्मान करना चाहिए.”
642 मिलियन मतदाताओं का विश्व रिकॉर्ड बनाया
राजीव कुमार ने कहा, “हमने 642 मिलियन मतदाताओं का विश्व रिकॉर्ड बनाया है. यह सभी G7 देशों के मतदाताओं का 1.5 गुना और EU के 27 देशों के मतदाताओं का 2.5 गुना है.”
चुनाव कर्मियों के लिए कविता सुनाई
मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए कविता सुनाई- “गुलशन की खूबसूरती फूलों से है माली की बात कौन करता है लोकतंत्र में जीत हार जरूरी है तुम्हारी बात कौन करता है.”
सिर्फ 39 बूथों पर रीपोलिंग हुई
CEC ने बताया, “हमने 26 स्पेशल पोलिंग स्टेशन बनाकर वोटिंग करना सिखाया. रीपोलिंग केवल 39 हुए, जबकि 2019 में 540 रीवोटिंग हुई थी. 39 में से 25 रीपोलिंग केवल 2 राज्यों में हुई.”
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90 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतों का किया निपटारा
CEC राजीव कुमार ने बताया, “लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता की 495 शिकायतों में से 90 प्रतिशत से अधिक का निपटारा किया गया.” मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के दौरान सभी विकास कार्य रुक जाते थे, निर्वाचन आयोग ने 95-98 फीसदी परियोजनाओं में अर्जियां मिलने के 48 घंटे के भीतर अनुमति दी. जम्मू कश्मीर में चार दशकों में सर्वाधिक 58.58 प्रतिशत मतदान और घाटी में 51.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों ने सूरत से बीजेपी उम्मीदवार को निर्विरोध विजेता घोषित करने पर भी प्रतिक्रिया दी. CEC ने कहा, “चुनाव आयोग हर सीट पर निष्पक्ष चुनाव कराने के पक्ष में है, अगर यह बात सामने आती है कि किसी उम्मीदवार का नाम जबरन वापस हुआ है, तब ही आयोग हस्तक्षेप कर सकता है.”
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