दुनिया

अमेरिका-चीन के बीच अगले हफ्ते परमाणु हथियार नियंत्रण पर होगी बातचीत: रिपोर्ट

अमेरिका-चीन के बीच अगले हफ्ते परमाणु हथियार नियंत्रण पर होगी बातचीत: रिपोर्ट

अमेरिका-चीन के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण पर होगी बातचीत.

खास बातें

  • अमेरिका और चीन के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण वार्ता पर सहमति
  • US रूस,चीन को खतरनाक तीन-तरफ़ा हथियारों की दौड़ से बचाने का मकसद
  • सैन फ्रांसिस्को में हो सकती है जो बाइडेन और शी जिनपिंग की मुलाकात

नई दिल्ली:

अमेरिका और चीन के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण वार्ता (US China On Nuclear Arms Control) पर सहमति बन गई है. दोनों के बीच ये बातचीत अगले हफ्ते होगी. रॉयटर्स की खबर के मुताबिक ये जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बुधवार को दी. उन्होंने बताया कि चीन ने अमेरिका के साथ परमाणु हथियार नियंत्रण वार्ता आयोजित करने पर सहमति जता दी है. ओबामा सरकार के सत्ता से जाने के बाद पहली बार चीन और अमेरिका के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण पर बातचीत होगी. लेकिन दोनों के बीच परमाणु हथियारों को सीमित करने पर सहमति बनेगी या नहीं ये अब तक साफ नहीं है.

यह भी पढ़ें

ये भी पढ़ें-“फ्लाइट्स में सिर्फ गोरी, यंग और नीली आंखों वाली महिला अटेंडेंट”: US एयरलाइंस पर भेदभाव का केस दर्ज

US-चीन के बीच होगी परमाणु हथियार नियंत्रण पर बातचीत

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि इस चर्चा का मकसद अमेरिका, रूस और चीन के बीच खतरनाक तीन-तरफ़ा हथियारों की दौड़ से बचना है, लेकिन यह परमाणु हथियारों की सीमा की दिशा में औपचारिक बातचीत की शुरुआत नहीं है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इस मामले पर अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता से बातचीत करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर किसी भी टिप्पणी का जवाब नहीं दिया.

यह भी पढ़ें :-  एक दर्जन अंडा 400 रुपये, प्याज 200 के पार, 615 रुपये किलो तक पहुंचा चिकन; पाकिस्तान पर महंगाई की मार

सैन फ्रांसिस्को में मिल सकते हैं बाइडेन-जिनपिंग 

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की टीमों के पास नवंबर में सैन फ्रांसिस्को में दोनों नेताओं की मुलाकात के लिए सैद्धांतिक सहमति है, हालांकि बाइडेन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि अभी तक इसे लेकर अहम जानकारी सामने नहीं आई है. 

अमेरिका-चीन के बीच बिगड़ते रिश्ते

बता दें कि कुछ महीने पहले चीन के एक जासूसी गुब्बारे को अमेरिका ने अपने तटीय इलाके के पास मारकर गिरा दिया था. इस घटना के बाद से अमेरिका और चीन के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया था. अमेरिका ने यह गुब्बारा तब मार गिराया था, जब वह उनक सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था. दोनों देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों को बचाने की कोशिश द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों द्वारा की जा रही है. 

ये भी पढ़ें-भारत ने चीन, पाक सीमा पर एस-400 मिसाइल यूनिट तैनात की, जल्द रूसी अधिकारियों संग बैठक

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button