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'ये तो हास्यासपद है…', जॉर्ज सोरोस को US का सबसे बड़ा सम्मान मिलने पर एलन मस्क 

'ये तो हास्यासपद है...', जॉर्ज सोरोस को US का सबसे बड़ा सम्मान मिलने पर एलन मस्क 

एलन मस्क ने जॉर्ज सोरोस पर की टिप्पणी

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खरबपति कारोबारी जॉर्ज सोरोस को अमेरिका के सबस बड़े नागरिक सम्मान ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है. ये अमेरिका में किसी नागरिक को मिलने वाला सबसे बड़ा सम्मान है. अमेरिका के सरकार के इस फैसले को लेकर 20 जनवरी से अमेरिका की सरकार में अहम भूमिका निभाने जा रहे खरबपति एलन मस्क की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने मौजूदा सरकार के इस फैसले को हास्यासपद बताया है.उन्होंने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया है. उन्होंने लिखा कि मेरे विचार से जॉर्ज सोरोस मूल रूप से मानवता से ही नफरत करते हैं. वो तो ऐसी चीजें कर रहे हैं जो सभ्यता के ताने-बाने को खत्म कर रहा है. 

बाइडेन प्रशासन ने की सोरोस की तारीफ

जॉर्ज सोरोस को यह सम्मान देने के बाद बाइडेन प्रशासन ने जॉर्ज सोरोस की जमकर तारीफ की है. सोरोस को जो सम्मान पत्र दिया गया है उसमें लिखा गया है कि प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम जॉर्ज सोरोस को दिया गया है. हंगरी में एक यहूदी परिवार में जन्मे जॉर्ज सोरोस नाजी कब्जे से बचकर अपने और दुनिया भर के अनगिनत लोगों के लिए आजादी की जिंदगी का रास्ता खोला है. 

मैं अभिभूत हूं- सोरोस

अमेरिकी सरकार से मिले इस सम्मान को लेकर जॉर्ज सोरोस ने भी एक बयान जारी किया है. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि एक अप्रवासी के रूप में जिसने अमेरिका में स्वतंत्रता और समृद्धि हासिल की, मैं इस सम्मान से बहुत अभिभूत हूं. मैं इसे दुनिया भर के उन कई लोगों की ओर से स्वीकार करता हूं जिनके साथ ओपन सोसाइटी फाउंडेशन ने पिछले 40 सालों में साझा उद्देश्य बनाए हैं. 

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कौन हैं जॉर्ज सोरोस

जॉर्ज सोरोस एक अमेरिकी अरबपति उद्योगपति है. उनका जन्म हंगरी में एक यहूदी परिवार में हुआ था. हिटलर के नाजी जर्मनी में जब यहूदियों को मारा जा रहा था तो वह किसी तरह से वहां से बचकर निकल गए थे.94 साल के अरबपति सोरोस खुद को दार्शनिक और सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं. हालांकि, उन पर दुनिया के कई देशों में राजनीति और समाज को प्रभावित करने का एजेंडा चलाने का आरोप भी लगता रहा है.



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