देश

झोपड़ी में फोटो सेशन कराने वालों को गरीबों की बात बोरिंग ही लगेगी… राहुल का नाम लिए बगैर बोले PM मोदी


नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को संसद के बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार ने गरीबों को झूठे नारे नहीं दिए, बल्कि हमने उन्हें सच्चा विकास दिया है. देश ने 5 दशक तक गरीबी हटाओ के झूठे नारे सुने. हमारी वजह से 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर आए हैं.”

मोदी ने कहा, “जब गरीबों के लिए जीवन खपाते हैं तब यह होता है. जब जमीन से जुड़े लोग, जमीन की सच्चाई को जानते हुए, जमीन पर जीवन खपाते हैं, तब जमीन पर बदलाव निश्चित होकर रहता है.”

PM मोदी ने कहा, “बीते 10 साल में देश ने सेवा करने का मौका दिया. 25 करोड़ देशवासी गरीबी को परास्त करके गरीबी से बाहर आए हैं. 25 करोड़ गरीब गरीबी को परास्त कर बाहर निकले हैं. ये ऐसे ही नहीं हुआ. योजनाबद्ध तरीके से समर्पित भाव से जब गरीबों के लिए जीवन खपाते हैं तब यह होता है.”

राहुल गांधी का नाम लिए बगैर साधा निशाना
PM मोदी ने कहा, “गरीब का दुख, आम आदमी की तकलीफ, मीडिल क्लास के सपने ऐसे ही नहीं समझे जाते हैं, इसके लिए जज्बा चाहिए. मुझे दुख के साथ कहना है कुछ लोगों में यह है ही नहीं.” मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बगैर कहा, “हमारा फोकस गरीबों के घर बनाने पर है. जो लोग गरीबों की झोपड़ी में फोटो सेशन कराते हैं, उनको गरीबों की बात बोरिंग ही लगेगी.”

यह भी पढ़ें :-  उनका व्यक्तित्व हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा, पीएम मोदी ने दी सरदार पटेल को श्रद्धांजलि

मोदी ने कहा, “बारिश के दिनों में कच्छी छत, उसकी प्लास्टिक की चादर वाली छत, उससे नीचे जीवन गुजारना कितना मुश्किल होता है. पल पल सपने रौंद दिए जाते हैं, ऐसे पल होते हैं. यह हर कोई नहीं समझ सकता है. हमने 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर बहनों और बेटियों की मुश्किलें दूर की हैं.”

कुछ नेताओं का फोकस घरों में जकूजी पर
प्रधानमंत्री ने अरविंद केजरीवाल के ‘शीशमहल’ का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा, “आजकल मीडिया में ज्यादा ही चर्चा हो रही है, सोशल मीडिया में ज्यादा ही हो रही है. कुछ नेताओं का फोकस घरों में जकूजी पर, स्टाइलिश शावर पर है, लेकिन हमारा फोकस हर घर जल पहुंचाने पर है.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आप समस्या की पहचान करके छूट नहीं सकते. समस्या का समाधान भी करना होता है. हमारा प्रयास समस्या के समाधान का रहता है और हम समर्पित भाव से प्रयास करते हैं.” 

स्वच्छता अभियान का मजाक उड़ाया गया
मोदी ने कहा, “सरकारी खरीद में ट्रांसपेरेंसी लगाए और जैम पोर्टल से कम पैसों में खरीदी हुई. सरकार के एक लाख 15 करोड़ रुपये की बचत हुई. स्वच्छता अभियान का मजाक उड़ाया गया, जैसे पाप कर दिया हो. आज संतोष से कहना है कि सफाई के कारण हाल के वर्षों में सिर्फ सरकारी दफ्तरों से जो कबाड़ बेचा गया उसमें 2300 करोड़ मिले. गांधी ट्रस्टी शिप का सिद्धांत देखते हैं. स्वच्छता अभियान से कबाड़ बेचकर 2300 करोड़ रुपए कबाड़ बेचकर आ रहा है.”

40 लाख करोड़ रुपया सीधा जनता के खाते में जमा किया
मोदी ने कहा, “देश ने मौका दिया, हमने समाधान खोजने का प्रयास किया. बचत भी और विकास भी हमारा मॉडल है. जनता का पैसा जनता के लिए है. हमने जन-धन, आधार, मोबाइल की जेम ट्रिनिटी बनाई. DBT से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर देना शुरू किया. हमने 40 लाख करोड़ रुपया सीधा जनता के खाते में जमा किया.” 

यह भी पढ़ें :-  चेन्नई: स्कूल में चक्कर आने के बाद 30 बच्चे अस्पताल में भर्ती, केमेस्ट्री लैब में गैस लीक होने का शक 
PM मोदी ने कहा, “इस देश का दुर्भाग्य देखिए सरकारें कैसी चलाई गईं. किसके लिए चलाई गईं. जब ज्यादा बुखार चढ़ जाता है तब लोग कुछ भी बोलते हैं. ज्यादा हताशा फैल जाती है तब भी बहुत कुछ बोलते हैं.”

10 साल में घोटाले नहीं होने से देश के बचे लाखों करोड़ रुपये
मोदी ने कहा कि बीते 10 साल में घोटाले नहीं हुए हैं. उन्होंने कहा, “हमने इथेनॉल ब्लेंडिंग का फैसला लिया. हम एनर्जी इंडिपेंडेंट नहीं हैं. हमें इंपोर्ट करना पड़ता है. लेकिन इथेनॉल ब्लेंडिंग से एक लाख करोड़ रुपये का फर्क पड़ा है. ये पैसा किसानों की जेब में गया है. मैं बचत की बात कर रहा हूं, लेकिन पहले अखबारों की हेडिंग होती थी. इतने लाख के घोटाले, 10 साल हो गए ये घोटाले न होने से भी लाखों करोड़ रुपये बचे हैं. ये पैसे जनता की सेवा में लगे.”

शीशमहल बनाने में नहीं, देश बनाने में लगाया पैसा
AAP और अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा, “हमने पैसों का इस्तेमाल शीशमहल बनाने में नहीं किया, देश बनाने में किया है. इंफ्रास्ट्रक्चर का बजट 1.80 लाख करोड़ था. आज 11 लाख करोड़ रुपया बजट है. सरकारी खजाने में बचत हुई, वो तो एक बात है. हमने इस बात पर भी ध्यान रखा कि जन सामान्य को भी बचत का लाभ मिलना चाहिए.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आपने देखा होगा कि आयुष्मान भारत योजना, बीमारी के कारण आम आदमी को होने वाला खर्च करीब देश में एक लाख 20 हजार करोड़ रुपए जनता के बचे हैं. जनऔषधि केंद्र में 80 फीसदी डिसकाउंट होता है. जनता के 30 हजार करोड़ रुपये बचे हैं.”


यह भी पढ़ें :-  टायर फटा, 8 बार पलटी स्कॉर्पियो, यूपी के गाजीपुर में सड़क हादसा, 4 बच्‍चों समेत 7 लोग घायल

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button