देश

पोर्शे वाले 'शहजादे' को बचाने के लिए डॉक्टरों ने 3 लाख में बेचा था 'ज़मीर', चपरासी बना था दलाल

पुलिस ने सरकारी अस्पताल के फॉरेंसिक मेडिसीन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय तावड़े और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.श्रीहरि हलनोर को खून के नमूने में बदलाव करने और सबूत को नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (छोटे मामलों) ए.ए.पांडे की अदालत में पेशकर 10 दिन तक पुलिस हिरासत में भेजने का अनुरोध किया था. पुलिस ने अदालत को बताया कि खून के नमूनों को बदलने के एवज में पैसों की लेनदेन हुई है और उसे इस मामले में आरोपियों के घरों की तलाशी लेनी है. इसके बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को 30 मई तक के लिए पुलिस की हिरासत में भेज दिया.

Latest and Breaking News on NDTV

दो लोगों की ली थी जान

पुलिस के मुताबिक 19 मई को एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्श कार ने मोटरसाइकिल सवार दो आईटी पेशेवरों अनीश अवधिया और अश्विनी कोस्टा को टक्कर मार दी थी. इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक कार कथित तौर पर बिल्डर विशाल अग्रवाल का 17 वर्षीय बेटा चला रहा था और उसने हादसे के समय शराब पी रखी थी.

Video : IndiGo Bomb Threat: बम की ख़बर पर आया IndiGo का बयान, क्या है आगे का प्लान?



Show More

संबंधित खबरें

Back to top button