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ऐसा क्षेत्र चाहते हैं जहां संप्रभुता का सम्मान हो : Quad पर The Hindkeshariसे बोलीं ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग

The Hindkeshariसे खास इंटरव्यू में ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, “भारत और ऑस्ट्रेलिया लोकतांत्रिक परंपराओं को महत्व देते हैं. दोनों देश लोकतांत्रिक संस्थानों में रहना चाहते हैं और उसके हितों को साझा करते हैं… यह शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध है. यह एक ऐसा क्षेत्र है, जहां संप्रभुता है. दोनों ही देशों में इस संप्रभुता का सम्मान किया जाता है. और इसलिए हम यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.”

चीन के साथ रिश्ते पर क्या बोलीं वोंग?

वहीं, ऑस्ट्रेलिया और चीन के संबंधों पर ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, “चीन एक ऐसा देश है, जिसके साथ हम साझेदारी जारी रखेंगे. जहां संभव हो वहां सहयोग करेंगे, जहां हमें असहमत होना चाहिए वहां हम असहमत होंगे. हम अपने राष्ट्रीय हितों में का ध्यान रखेंगे.” पेनी वोंग ने कहा- “हमने हिंद महासागर क्षेत्र में अपने काम पर चर्चा की कि हम कैसे सहयोग कर सकते हैं. भारत महासागर सम्मेलन पर्थ में आयोजित किया जाएगा.”

इंटरनेशनल सिस्टम का हो रहा पालन

उन्होंने कहा, “क्वाड उन देशों का एक समूह है, जो हमारे क्षेत्र में क्या हो रहा है, इसका ख्याल रखते हैं. साथ ही इस क्षेत्र के देशों को वैल्यू भी देना चाहते हैं”. वोंग कहती हैं, “वे ऐसे देश हैं, जिनके पास इंटरनेशनल सिस्टम, इंटरनेशनल रूल ऑफ लॉ, ट्रांसपरेंसी और ट्रेडिंग अरेंजमेंट के बारे में एक तरह का नजरिया है. यह अच्छी बात है कि हम एक साथ काम करते हैं और यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण साझेदारी है.”

पेनी वोंग ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया एक मिडिल पावर है. हम अंतरराष्ट्रीय प्रणाली पर बहुत भरोसा करते हैं. इसलिए जब हम दक्षिण चीन सागर या प्रशिक्षण व्यवस्था को देखते हैं, तो हम देखते हैं कि भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का उन नियमों पर जोर देना महत्वपूर्ण है, जिन पर सहमति बनी है. सहमति व्यक्त की गई है और निरीक्षण किया जाएगा.” इस क्षेत्र में चीन की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के महत्व पर ध्यान केंद्रित करता है.

क्वाड के बारे में जानिए

क्वाड यानी क्वाड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग 4 देशों अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत का गठबंधन है. इसका गठन वैसे तो 2007 में हुआ था, लेकिन 2017 में इसे रिवाइव किया गया. क्वॉड के गठन का मकसद हिंद-प्रशांत क्षेत्र और इसके देशों को चीनी दखल से बचाना है. 

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जनवरी में होगी अगली बैठक

बता दें कि क्वाड की अगली बैठक जनवरी में होने वाली है. ऐसी उम्मीदें हैं कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार वार्ता एजेंडे का हिस्सा होगी.

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