देश

पश्चिम बंगाल: दुर्गा पूजा समितियों ने पूजा के लिए राज्य सरकार से दान लेने से किया इनकार


कोलकाता:

कोलकाता स्थित सामुदायिक दुर्गा पूजा समिति ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दिए जाने वाले वार्षिक दुर्गा पूजा दान को अस्वीकार कर दिया. समिति ने इस महीने की शुरुआत में राज्य द्वारा संचालित आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के विरोध में यह कदम उठाया है.

कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके में अल्पसंख्यक बहुल गार्डन रीच क्षेत्र में संचालित सामुदायिक क्लब “मुडियाली अमरा का जन” ने एक बयान जारी कर इस संबंध में अपना निर्णय घोषित किया. बयान में कहा गया है, “हम इस साल राज्य सरकार द्वारा दिए गए 85,000 रुपये के दान को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. हमने यह निर्णय 9 अगस्त को आर.जी. कार की एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के विरोध में लिया है. हम पीड़िता के लिए न्याय चाहते हैं.”

Latest and Breaking News on NDTV

राज्य सरकार द्वारा दी गई सहायता राशि पिछले साल की तुलना में इस साल 15,000 रुपये अधिक है. संगठन का कहना है कि इस सहायता राशि को अस्वीकार करना बलात्कार और हत्या की त्रासदी के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध का एक तरीका है.

इससे पहले हुगली जिले के चार क्लबों ने दान लेने से मना कर दिया था. हुगली जिले के उत्तरपाड़ा स्थित उत्तरपाड़ा शक्ति संघ क्लब ने सबसे पहले ऐसा करने से मना कर दिया था. बाद में महिलाओं द्वारा संचालित और उत्तरपाड़ा स्थित एक सामुदायिक दुर्गा पूजा समिति ने भी यही रास्ता अपनाया.

सरकार द्वारा सहायता देने से इनकार करने पर आयोजकों ने कहा कि इस बार हमें अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है. फिर भी दान की राशि अस्वीकार करने का निर्णय लिया गया.

यह भी पढ़ें :-  "CAG से कराएंगे दिल्ली जल बोर्ड का ऑडिट": पैसे के दुरुपयोग के आरोपों के बीच केजरीवाल सरकार का आदेश

सामुदायिक पूजा समितियों के नक्शेकदम पर चलते हुए बंगाल के मालदा जिले के एक थिएटर समूह “मालदा सोमो बेटा प्रयास” ने भी जिले में “थिएटर मेला” आयोजित करने के लिए राज्य सरकार से दान लेने से इनकार कर दिया. थिएटर को राज्य सरकार की ओर से 50,000 रुपये दिए जा रहे थे.

राज्य सरकार का दान लेने से मना करने वाले संगठनों को सोशल मीडिया पर लोगों की प्रशंसा मिलनी शुरू हो गई है. लोग ऐसी और पूजा समितियों से अनुरोध कर रहे हैं कि वे आगे आएं और इस तरह के दान लेने से मना करें.

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Show More

संबंधित खबरें

Back to top button