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क्या हैं वो 4 पिलर्स, जिन्हें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया बदलते भारत का आधार


नई दिल्ली:

दुनिया के कई देशों इन दिनों राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल का माहौल है. दो युद्ध भी चल रहे हैं. इन सबके बीच भारत की अर्थव्यवस्था तमाम चुनौतियों को पार करते हुए सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका क्रेडिट मोदी सरकार की नीतियों को दिया है. The Hindkeshariके Indian Of The Year Awards 2024 में पहुंचे अश्विनी वैष्णव ने कहा, “पूरी दुनिया उथल-पुथल में है. इनमें भारत ही बस इकलौता आशा वाला देश है.” उन्होंने कहा, “भारत की विकास कहानी 4 स्तंभों पर आधारित है- इंवेस्टमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और डायवर्सिटी.”

अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि जहां दुनिया भर में सत्ता विरोधी लहर नजर आ रही है, भारत जैसे वाइब्रेंट लोकतांत्रिक देश में पहली बार किसी सरकार को तीसरी बार चुना गया. भारत की अर्थव्यवस्था अगले 10 सालों में यह 6-8 प्रतिशत की दर से बढ़ती रहेगी. भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.

समावेशी विकास हमारी सबसे बड़ी मजबूती
केंद्रीय मंत्री ने भारत की ग्रोथ स्टोरी का जिक्र करते हुए कहा, “स्विट्जरलैंड जितना रेल नेटवर्क एक साल में भारत में जुड़ गया. हम आज हर सेक्टर में ग्रोथ देख रहे हैं. समावेशी विकास हमारी सबसे बड़ी मजबूती है.” उन्होंने कहा, “सोशल, फिजिकल और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर इन्वेस्टमेंट को बढ़ाना, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन को बढ़ावा देना, समावेशी विकास पर निवेश और कानूनों में सुधार से भारत का विकास निर्भर करता है.”

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भारत दुनिया का टॉप 3 स्टार्टअप इकोसिस्टम
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 10 साल पहले ये कोई सोच नहीं सकता था कि भारत स्टार्टअप का इतना बड़ा इकोसिस्टम बनेगा. आज भारत दुनिया का टॉप 3 स्टार्टअप इकोसिस्टम है. मोबाइल फोन की मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस की मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ रही है. आज आप किसी भी सेक्टर को देख लीजिए… सभी में मेक इन इंडिया का इंपैक्ट दिखेगा.”

आर्थिक असमानता को बारीकी से खत्म करने की जरूरत
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “हमारे समाज में आर्थिक असमानता 50-60 साल की नीतियों के कारण लंबे समय तक रही है. इन्हें बहुत बारीकी से समझने और सुलझाने की जरूरत है. इसलिए PM मोदी ने अपनी हर आर्थिक नीतियों में समावेशी विकास को एक जरूरी हिस्से के तौर पर शामिल किया है. PM मोदी ने ये सुनिश्चित किया कि हर आर्थिक नीति, हर पब्लिक पॉलिसी में एक समावेशिता का हिस्सा हो.”



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