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अरविंद केजरीवाल की जमानत रोकने के लिए ED ने दी कौन-कौन सी दलीलें, कोर्ट में क्या हुआ?


नई दिल्ली:

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Chief Minister Arvind Kejriwal)  को मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) मामले में जमानत मिल गई है. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने सीएम अरविंद केजरीवाल को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी. आबकारी नीति मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में सीएम अरविंद केजरीवाल की जमानत पर गुरुवार को राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई थी. सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

ED ने जमानत का किया विरोध

  1. प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अदालत में पक्ष रख रहे एएसजी एसवी राजू ने कहा कि सह आरोपी चनप्रीत सिंह ने उद्यमियों से भारी नकद राशि प्राप्त की थी और उन्होंने  अरविंद केजरीवाल के होटल में ठहरने के बिलों का भुगतान किया था. उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी के पास केजरीवाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. 
  2. ईडी के वकील ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जांच में सहयोग नहीं करते हैं. उन्होंने अपने फोन का पासवर्ड भी देने से इनकार कर दिया था.
  3. एएसजी ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि मामले का सह आरोपी विजय नायर का इस मामले में केजरीवाल ने बिचौलिए के तौर पर उपयोग किया.

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था. जिसमें केजरीवाल के साथ-साथ आम आदमी पार्टी को भी आरोपी बनाया गया था. अदालत ने जांच एजेंसी द्वारा दायर सातवें पूरक आरोप पत्र के संज्ञान पर आदेश सुरक्षित रख लिया था.

अरविंद केजरीवाल के वकील ने ASG के आरोपों का दिया जवाब

  1. अरविंद केजरीवाल का अदालत में पक्ष रखते हुए विक्रम चौधरी ने कहा कि सह आरोपी चनप्रीत सिंह ने कहीं भी यह नहीं कहा कि उसने गोवा चुनावों के लिए भुगतान किया है या उसने अपराध की आय एकत्र की है. यह आरोप गलत है. 
  2. केजरीवाल के वकील ने यह भी कहा कि केवल इसलिए कि विजय नायर ने मंत्री कैलाश गहलोत के घर में एक कमरा ले रखा था, यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि केजरीवाल और उनके बीच कोई निकटता या संबंध है. 
  3. केजरीवाल के वकील ने कहा कि केजरीवाल को आज तक अनुसूचित अपराध में आरोपी नहीं बनाया गया है. उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री कोई विशेष दर्जा नहीं मांग रहे हैं, हालांकि चूंकि वह एक संवैधानिक पदाधिकारी हैं, इसलिए कुर्सी का सम्मान किया जाना चाहिए. 
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 गौरतलब है कि ईडी ने आरोप लगाया है कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली उत्पाद शुल्क घोटाले के “किंगपिन” हैं  अपराध आय के उपयोग में सीधे तौर पर शामिल हैं. ईडी ने आरोप लगाया है कि शराब घोटाले से जुटायी गयी रकम का लाभ आम आदमी पार्टी ने उठाया है. केंद्रीय एजेंसी ने यह भी दावा किया है कि थोक विक्रेताओं को असाधारण लाभ मार्जिन देने के लिए साउथ ग्रुप के साथ विजय नायर और अन्य व्यक्तियों ने मिलकर साजिश की थी. 

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