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इंडिया गठबंधन की अगुवाई के लिए ममता की दावेदारी पर क्या बोले लालू और कीर्ति आजाद


नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विपक्षी दलों के गठबंधन के नेतृत्व करने को लेकर दिए गए बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. अब सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के नेता इस बयानबाजी में शामिल हो गए हैं. इस बीच, राजद प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू यादव भी ममता बनर्जी के समर्थन में उतर आए हैं. पटना में मंगलवार को लालू प्रसाद यादव ने पत्रकारों से बात कर रहे थे. इस दौरान पत्रकारों ने जब उनसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान के संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा, “इंडिया गठबंधन का नेतृत्व ममता बनर्जी को दे देना चाहिए, हम सहमत हैं.”

जब लालू बोले कि कांग्रेस की आपत्ति से क्या होता है..

कांग्रेस की आपत्ति से जुड़े सवाल पर लालू ने कहा, “कांग्रेस के आपत्ति जताने से कुछ नहीं होगा. ममता बनर्जी को दे देना चाहिए.” ममता बनर्जी विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया था और मौका मिलने पर इसकी कमान संभालने के अपने इरादे का संकेत दिये थे. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने कहा था कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में अपनी भूमिका जारी रखते हुए विपक्षी मोर्चे के नेतृत्व के साथ दोहरी जिम्मेदारी संभालने में सक्षम होंगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रस्तावित महिला संवाद यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर लालू यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यात्रा पर जा रहे हैं अच्छी बात है. उन्होंने अपने अंदाज में कहा, “नैन सेंकने जा रहे हैं.”

ममता के गठबंधन को लीड करने पर क्या बोले कीर्ति आजाद

क्या आपको लगता है कि ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करने के लिए आवाज़ उठ रही है? इस के जवाब में टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि उन्होंने दावा नहीं किया है. नेता उनसे नेतृत्व करने के लिए कह रहे हैं. शिवसेना, सपा, शरद पवार और अब लालू यादव जी, वे सभी कह रहे हैं, तो एक बार उन्होंने कहा कि मैंने इंडिया ब्लॉक बनाया है और मैं नेतृत्व करने के लिए तैयार हूं. उन्होंने कभी दावा नहीं किया. हमने कभी दावा नहीं किया. हमने हमेशा कहा है कि वह इंडिया ब्लॉक का नेतृत्व करने के लिए बेस्ट हैं और यही आवाजें देश भर के नेताओं से आ रही हैं.

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विचारों में कई मतभेद हो सकते हैं, लेकिन…

कीर्ति आजाद ने कहा कि जैसे कि आपके परिवार के कई सदस्य हैं और परिवार में दो या तीन भाई-बहन हैं. उन सभी की राय अलग-अलग है और फिर भी वे परिवार के लिए किसी न किसी हल पर पहुंचते हैं. यह बिल्कुल वैसा ही है, यह अलग-अलग पार्टियां हैं. आपके विचारों में कई मतभेद हो सकते हैं. लेकिन सदन में हम एक जैसे हैं, संसद के बाहर हम अपने हिसाब से चीजें तय कर सकते हैं क्योंकि पश्चिम बंगाल के मामले में हमें कई अन्य मुद्दों पर विचार करना है. इसलिए जब आप इसके बारे में बात करते हैं, तो हमें हमेशा लगता है कि नेतृत्व करने के लिए सबसे अच्छा व्यक्ति, जिसने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया है.

क्या राहुल गांधी के नेतृत्व पर कोई सवाल

अगर आप कांग्रेस और बीजेपी के स्ट्राइक रेट को देखें, तो कांग्रेस का जीत का स्ट्राइक रेट केवल 10% है. वहीं टीएमसी का बीजेपी के खिलाफ़ जीत का स्ट्राइक रेट 70% है. जब कीर्ति से पूछा गया कि क्या आपका बयान सही मायने में राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हैं? नहीं, हम सवाल नहीं उठाते. मेरा मतलब है, अगर विराट कोहली को हटा दिया जाता, क्या हमने उनकी योग्यता पर सवाल उठाया? कभी नहीं, रोहित शर्मा ने भी भारत की कप्तानी संभाली. क्या विराट कोहली ने वहां खेलना बंद कर दिया? तो मूल रूप से प्रदर्शन ही मायने रखता है. यह किसी व्यक्ति की योग्यता नहीं है.

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(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)


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