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10वीं-12वीं में 2 बार एग्जाम! क्या है सरकार का यह प्लान, हर मां-बाप के लिए काम की जानकारी

नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत केंद्र सरकार ने पिछले साल एजुकेशन सिस्टम में कई तरह के बदलावों का ऐलान किया था. साल 2024 के एकेडमिक सेशन के लिए इसमें किताबों के साथ ही नए सिलेबस वर्क फ्रेम को शामिल करना भी शामिल है. नए सिलेबस में साल में 2 बार बोर्ड एग्जाम कराना भी शामिल है. इसके तहत जिस की एग्जाम में बच्चा अच्छे नंबर लाएगा, उन्हीं नंबरों के आधार पर वह आगे की पढ़ाई कर सकता है. दो बार एग्जाम कराने के फैसले के पीछे सरकार की कोशिश कम उम्र में बच्चों में आने वाले तनाव को कम करना और शिक्षा व्यवस्था को और भी आसान बनाना है. 

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हायर एजुकेशन में भी नहीं होगी परेशानी

उच्च शैक्षणिक संस्थानों में साल में दो बार प्रवेश देने के फैसले के बाद सवाल ये भी बड़ा था कि 12वीं के एग्जाम देरी से होने की वजह से दाखिला लेने में पेरशानी का सामान करना पड़ता. लेकिन अब यह परेशानी भी खत्म हो गई. अब अगर कोई बच्चा जुलाई-अगस्त में एडमिशन नहीं भी ले पाता है तो उसके पास जनवरी-फरवरी में भी एडमिशन लेने का ऑप्शन होगा. बच्चे को अब एडमिशन के लिए पूरे साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा. 

हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में साल में दो बार एंट्रेंस देने की मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने ये भी साफ कर दिया कि छात्रों को दोनों ही सेशन में एडमिशन CUET के आधार पर मिलेगा. दूसरे सेशन में एडमिशन के लिए उनको अलग से कोई भी एगअजाम नहीं देना होगा. वर्तमान में क्या होता है कि हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन के लिए छात्रों को CUET एग्जाम देना पड़ता है. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. 

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2 बार एग्जाम से कम होगा बच्चों का तनाव

सरकार के फैसले से अब ये तो साफ है कि इससे बच्चों का तनाव जरूर कम होगा. शिक्षा मंत्री कहा कि सरकार ने साल में दो बार बोर्ड एग्जाम कराने के लिए वैसे तो दो फॉर्मूले तैयार किए हैं. दूसरा फॉर्मूला 6-6 महीने में दो बार एग्जाम कराने का है. 



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