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बेंजामिन नेतन्याहू के रक्षामंत्री क्यों हुए नाराज, गोपनीय चिट्ठी हुई लीक


नई दिल्ली:

Yov Gallant letter to Benjamin Netanyahu : इजरायल की राजनीति (Israel Politics) और सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. एक साल से ज्यादा समय से इजरायल गाज़ा (Israel Hamas War) में हमला किए जा रहा है और युद्ध (Israel Gaza War) का कोई अंत नहीं दिख रहा है. उधर, इजरायल ने लेबनान (Israel Lebanon War) में नया मोर्चा खोल दिया है. बीच-बीच में सीरिया पर भी हमला कर रहा है. इतना ही नहीं अब ईरान (Israel Iran War) से भी हमले का खतरा बन गया है. दोनों ही देशों ने एक दूसरे पर हमला किया है.  ऐसे में दिन ब दिन युद्ध का दायरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में देश के भीतर और बाहर दोनों ओर से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. मामला अब आलोचना ने आगे बढ़ता जा रहा है. नेतन्याहू को राजनीतिक तौर पर और लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

रक्षामंत्री गैलेंट ने लिखी चिट्ठी 

ताजा मामला नेतन्याहू के रक्षामंत्री योव गैलेंट का सामने आ रहा है. जेरुसेलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार रक्षामंत्री योव गैलेंट ने एक गोपनीय लिखकर बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी दी है कि यदि युद्ध के उद्देश्य स्पष्ट नहीं होंगे तो दिक्कत होगी. 

स्पष्ट उद्देश्य का अभाव

गैलेंट का कहना है कि इज़राइल की युद्ध रणनीति में स्पष्ट दिशा का अभाव है और अद्यतन उद्देश्यों की आवश्यकता है. रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने एक गोपनीय पत्र में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को चेतावनी दी है. 

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देश को नुकसान होने की चिंता

पत्र में, गैलेंट ने गंभीर चिंता व्यक्त की कि जबकि इज़राइल के लिए खतरे विकसित हो रहे हैं, युद्ध के उद्देश्यों ने गति नहीं पकड़ी है, जिससे कैबिनेट निर्णय लेने में संभावित गलतियां हो सकती हैं. गैलेंट का मानना है कि युद्ध के उद्देश्य यदि स्पष्ट नहीं हुए तो देश का काफी नुकसान होगा.  बताया जा रहा है कि यह पर गैलेंट ने इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के पहले लिखा था. यह पत्र उन्होंने नेतन्याहू और सुरक्षा कैबिनेट को भेजा था. 

ईरान से टकराव टालने पर जोर

गैलेंट ने पत्र में कहा कि ऐसी स्थिति जिसमें हम खुद को बिना किसी सुदृढ़ दिशा-निर्देश के और युद्ध के लिए स्पष्ट उद्देश्यों के बिना काम करते हुए पाते हैं. ऐसी स्थिति अभियान के संचालन और कैबिनेट के निर्णय लेने को बाधित करती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विशेषकर ईरान के साथ बढ़ते टकराव के लिए कई मोर्चों पर युद्ध के उद्देश्यों की व्यापक समीक्षा की आवश्यकता है. गैलेंट का कहना है कि अब यह जरूरी हो जाता है कि हम अपने उद्देश्य खास तौर पर ईरान को लेकर स्पष्ट कर लें. इजरायल कई फ्रंट पर लड़ रहा है.

गैलेंट के अनुसार क्या उद्देश्य हो सकते हैं –
गाजा में
एक गैर-खतरनाक वातावरण स्थापित करना, आतंकवादी की वृद्धि रोकना, सभी बंधकों की वापसी सुनिश्चित करना, और हमास की जगह लेने के लिए एक नागरिक सरकार मॉडल को बढ़ावा देना.

लेबनान में
उत्तरी निवासियों की सुरक्षित वापसी को सक्षम करने के लिए सुरक्षा स्थितियों में सुधार करना.

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ईरान में
ईरान से संघर्ष को बढ़ाने से रोकने के लिए संयम बनाए रखना. (हमले से पहले लिखा गया था पत्र)

पश्चिमी तट पर 
आतंकवाद विरोधी अभियानों के माध्यम से संभावित हिंसा को दबाए रखा.

व्यक्तिगत और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा में
राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय वैधता को मजबूत करना. 

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने गैलेंट की चिंताओं को “बेहद हैरान करने वाला” बताते हुए खारिज कर दिया था. गौरतलब है कि इजरायल बाद में ईरान पर हमला कर चुका है. यह पत्र ईरान पर हमले से पहले लिखा गया था. 


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