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गाजावासियों के दक्षिण में पनाह लेने के बाद वहां बम क्यों बरसा रहा इजरायल?

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली वॉरशिप ने दक्षिणी गाजा में ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. इससे वहां से पनाह लिए हुए लोगों में डर फैल गया है कि वे दक्षिण गाजा में भी उतने ही असुरक्षित हैं, जितने कि उत्तर में अपने घरों में थे. 

गाजावासियों को दक्षिण की ओर जाने के लिए कहने के बाद से इजरायली सेना (IDF) ने पूरे क्षेत्र में हमास के ठिकानों पर बमबारी की. गाजा में अधिकारियों का कहना है कि 7 अक्टूबर को शुरू हुए इजरायली हमलों के बाद से 6546 फिलिस्तीनी मारे गए हैं.

25 अक्टूबर से तेज हुई बमबारी

गाजावासियों ने कहा कि 25 अक्टूबर को दक्षिण गाजा में बमबारी तेज हो गई. एक हमले में मिस्र की सीमा से लगभग 10 किमी (6 मील) दूर खान यूनिस में कई अपार्टमेंट तबाह हो गए. इस बीच इजरायली सेना ने कहा है कि भले ही हमास का पावर सेंटर गाजा सिटी में है, फिर भी यह पूरे इलाके में नागरिक आबादी के बीच फैला हुआ है.

इजरायल ने एक दिन में हिट किए 400 टारगेट्स

इजरायल ने खुद माना है कि उसने एक दिन में 400 टारगेट्स हिट किए. खान यूनिस इलाके में एक गैस स्टेशन को तबाह कर दिया गया. हालांकि, इजरायल की तरफ से सिर्फ 47 लोगों के मारे जाने की बात कही गई है.

इजरायली सेना ने पिछले बयानों को दोहराते हुए कहा, “जहां भी हमास का टारगेट होगा, IDF हमास की आतंकवादी क्षमताओं को नाकाम करने के लिए हमला करेगा. हम इन हमलों में नागरिकों के नुकसान को कम करने के लिए संभावित सावधानी भी बरत रहे हैं.”

हमास लड़कों के घर वैलिड टारगेट

इजरायली सेना ने कहा है कि जिन घरों में आतंकवादी रहते हैं, वे “वैलिड टारगेट” हैं. भले ही उनके साथ गाजा के नागरिक भी रहते हों. इजरायली वायु सेना के एक सीनियर अधिकारी ने हाल ही में एक ब्रीफिंग में कहा, “तथाकथित प्राइवेट होम दरअसल प्राइवेट होम नहीं हैं.”

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इजरायल ने उत्तरी गाजा खाली करने का आदेश क्यों दिया?

इजरायली सेना ने 12 अक्टूबर को गाजावासियों के लिए फरमान जारी किया था. इजरायल ने कहा कि गाजा की 2.3 मिलियन (23 लाख) आबादी में लगभग आधी आबादी को यहां से दक्षिण में महफूज जगह पर चले जाना होगा. इसके लिए लोगों को 24 घंटे की डेडलाइन दी गई थी. 

सैन्य प्रवक्ता जोनाथन कॉनरिकस ने बाद में कहा: “हम गाजा शहर में महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधि के लिए क्षेत्र तैयार कर रहे हैं. यह अगला चरण है. इसलिए हम नागरिकों से गाजा नदी के दक्षिण में जाने के लिए कह रहे हैं.”

सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिक और टैंकर तैनात 

इजरायल ने गाजा के साथ सीमा पर बड़ी संख्या में सैनिक और टैंकर तैनात कर दिए हैं. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इजरायल जल्द ही जमीनी हमले शुरू करेगा. इससे पहले 18 अक्टूबर को इजरायली सेना ने गाजा के निवासियों से दक्षिणी गाजा के तट पर अल मवासी में मानवीय क्षेत्र कहे जाने वाले इलाके को खाली करने को कहा.

इजरायल ने 22 अक्टूबर को दोबारा चेतावनी दी कि उत्तर में रहने वाले किसी भी व्यक्ति को आतंकवादी संगठन के समर्थकों के रूप में पहचाना जा सकता है.

अब तक कितने लोग गाजा से दक्षिण की ओर चले गए हैं?

हमास ने फिलिस्तीनियों से इजरायल की चेतावनी को नज़रअंदाज़ करने का आग्रह किया था. फिर भी कई लोग अपना घर-बार छोड़कर दक्षिण की ओर जा रहे हैं. कई लोग चले गए हैं. अंतरराष्ट्रीय सहायता संगठनों का कहना है कि उत्तर से दूर लोगों का बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है. 

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मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (OCHA) ने 24 अक्टूबर को अनुमान लगाया कि गाजा के भीतर 1.4 मिलियन (14  लाख) से अधिक लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं. मिस्र और इजरायल दोनों के साथ गाजा की सीमा बंद कर दी गई है, जिससे निवासी प्रभावी रूप से एन्क्लेव के अंदर फंस गए हैं.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए कुछ ही घंटे देना खतरनाक और बेहद परेशान करने वाला था. कई पश्चिमी सरकारों ने गाजा बॉर्डर पर फंसे हुए नागरिकों के लिए ह्यूमन कॉरीडोर खोलने की अपील की. अरब देशों ने इजरायल से युद्ध रोकने की गुजारिश भी की है.

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