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ग्रेटर कैलाश विधानसभा सीट: सौरभ भारद्वाज को चौका लगाने से क्या रोक पाएगी बीजेपी?


नई दिल्ली:

दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections) को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की तरफ से तैयारी जारी है. अब तक किसी भी दल की तरफ से गठबंधन का ऐलान नहीं किया गया है. आम आदमी पार्टी ने सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है.  वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी उम्मीदवारों की 2 लिस्ट जारी कर दी है. ग्रेटर कैलाश सीट से आम आदमी पार्टी की तरफ से एक बार फिर सौरभ भारद्वाज को मैदान में उतारा गया है. सौरभ भारद्वाज इस सीट से लगातार चौथी बार चुनावी मैदान में हैं. आइए जानते हैं इस सीट का क्या है समीकरण और चुनावी मुद्दे.

ग्रेटर कैलाश सीट का क्या है चुनावी समीकरण? 
 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शिखा राय को 16,809 वोटों के अंतर से हराया था. सौरभ भारद्वाज को 60,372 वोट मिले थे, जबकि शिखा राय को 43,563 वोट प्राप्त हुए थे. इससे पहले साल 2015 और 2013 के विधानसभा चुनाव में भी सौरभ भारद्वाज ने आम आदमी पार्टी की टिकट पर जीत दर्ज की थी. 

वर्ष विजेता  पार्टी  हारे हुए प्रत्याशी पार्टी
2013 सौरभ भारद्वाज आम आदमी पार्टी शिखा राय बीजेपी
2015 सौरभ भारद्वाज आम आदमी पार्टी राकेश कुमार गुलैया बीजेपी
2020 सौरभ भारद्वाज आम आदमी पार्टी अजय कुमार मल्होत्रा बीजेपी

ग्रेटर कैलाश सीट का सामाजिक समीकरण क्या है?
ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र दिल्ली के प्रमुख और समृद्ध क्षेत्रों में से एक है.  2015 और 2020 के चुनावों में आम आदमी पार्टी (AAP) का प्रभाव बढ़ा है. पार्टी के लिए इस क्षेत्र में मतदाता मुख्य रूप से उच्च और मध्यम वर्ग से आते हैं, जिनकी प्राथमिकताएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, और विकास पर केंद्रित हैं.  बीजेपी के लिए मुख्य रूप से परंपरागत हिंदू वोटबैंक महत्वपूर्ण है. बीजेपी की भी इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ रही है. 

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ग्रेटर कैलाश के क्या हैं चुनावी मुद्दे
ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्दे शहरी विकास, बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, और प्रदूषण जैसे विषयों के इर्द-गिर्द घूमते रहे हैं. राष्ट्रीय मुद्दों के आधार पर भी इस क्षेत्र के वोटर्स वोट डालते रहे हैं. 
 

  • प्रदूषण:  दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दा रहा है.  ग्रेटर कैलाश के इलाके में पढ़ें लिखे वोटर्स की संख्या अधिक है.  
  • ग्रीन स्पेस की कमी: शहरीकरण के साथ पार्कों और खुले स्थानों की कमी एक गंभीर समस्या है. 
  • कानून-व्यवस्था की स्थिति: सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा इस क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. 


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