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हश मनी केस में डोनाल्ड ट्रंप को कोर्ट ने दोषी ठहराया, राष्ट्रपति के तौर पर माफी देने से इंकार

हश मनी मामले में अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है. लोकल मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क के एक न्यायाधीश ने सोमवार को कहा कि हश मनी मामले में उन्हें राष्ट्रपति बनने के बाद भी कोई राहत नहीं मिलेगी और उनकी मई की सजा बरकरार रहेगी.

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कही ये बात

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायाधीश जुआन मर्चेन ने अपने फैसले में कहा कि राष्ट्रपतियों को आधिकारिक कामों के लिए व्यापक प्रतिरक्षा देने का सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय लागू नहीं होता क्योंकि मुकदमे में गवाही “पूरी तरह से अनाधिकारिक आचरण से संबंधित थी, जिसके लिए कोई प्रतिरक्षा संरक्षण का अधिकार नहीं था.” न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी यही जानकारी दी है. 

गंभीर आरोप के साथ व्हाइट हाउज में जाने वाले पहले राष्ट्रपति हो सकते हैं ट्रंप

सोमवार के फैसले से यह संभावना बढ़ गई है कि ट्रम्प, जूरी के फैसले के खिलाफ अपील लंबित रहने तक, एक गंभीर अपराध के साथ व्हाइट हाउस में जाने वाले पहले राष्ट्रपति बन सकते हैं. ट्रम्प लंबे समय से अपने खिलाफ शुरू की गई आपराधिक प्रक्रिया का विरोध करते रहे हैं, क्योंकि उन्होंने एक पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए पैसे दिए थे और फिर 2016 के चुनाव में अपनी संभावनाओं को बढ़ाने की कोशिश में भुगतान को छुपा लिया था.

ट्रंप की जीत के बाद अनिश्चित काल तक सजा सुनाने को कोर्ट ने किया था स्थगित

ट्रम्प के खिलाफ एकमात्र आपराधिक मामले में न्यायाधीश ने 5 नवम्बर के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की जीत को देखते हुए 22 नवम्बर को उनकी सजा सुनाने को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया था.

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