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फर्जी पहचान, नकद भुगतान… बेंगलुरु कैफे विस्फोट के आरोपी ने ऐसे दिया पुलिस को चकमा

फर्जी पहचान, नकद भुगतान... बेंगलुरु कैफे विस्फोट के आरोपी ने ऐसे दिया पुलिस को चकमा

बेंगलुरु:

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कई राज्यों में तलाश करने के बाद आखिरकार रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले में दो प्रमुख संदिग्धों को हिरासत में लिया है. अब्दुल मथीन अहमद ताहा और मुसाविर हुसैन शाज़िब को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया और कल देर शाम बेंगलुरु लाया गया. जांचकर्ताओं द्वारा जारी सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को कोलकाता के इकबालपुर इलाके में ड्रीम गेस्ट हाउस में चेकिंग करते हुए दिखाया गया है. वे 25 मार्च को होटल पहुंचे और 28 मार्च को फर्जी पहचान के तहत ठहरकर चेकआउट किया. सूत्रों ने बताया कि यह उनके पूर्वी मिदनापुर जिले की ओर जाने से पहले की बात है.

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जांच टीम से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने कर्नाटक छोड़ते समय बार-बार अपना ठिकाना बदला. अंततः पकड़े जाने से पहले वे विभिन्न राज्यों में कई छोटे होटलों में ठकरे. अधिकांश स्थानों पर, सबूत छोड़ने से बचने के लिए उन्होंने नकद भुगतान किया.


कोलकाता से 180 किमी दूर स्थित एक छोटे से शहर कांथी में आरोपियों का पता लगाने से पहले अधिकारियों ने कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में 18 स्थानों पर तलाशी ली. अधिकारियों ने बताया, “आरोपी बंगाल के एक लॉज में रह रहा था.” एनआईए ने शाजिब और ताहा को 1 मार्च को बेंगलुरु के ब्रुकफील्ड के आईटीपीएल रोड पर रामेश्वरम कैफे में हुए विस्फोट में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया. विस्फोट में 10 लोग घायल हो गए थे.

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अधिकारियों ने बताया, “माना जाता है कि शाजिब ने कैफे में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) रखा था, जबकि हमले के पीछे ताहा का मास्टरमाइंड होने का संदेह है.” एनआईए ने 3 मार्च को जांच अपने हाथ में ली और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 10-10 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी.

कोलकाता की एक अदालत ने शुक्रवार को आरोपियों को 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड दी, जिससे एनआईए को आगे की जांच के लिए उन्हें कर्नाटक की राजधानी लाने की अनुमति मिल गई. बेंगलुरु में एनआईए अदालत में पेश किए जाने से पहले दोनों संदिग्धों को नियमित चिकित्सा परीक्षण से गुजरना होगा.

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