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PM मोदी का मिशन साउथ ! रोड शो एवं जनसभा को किया संबोधित

मोदी ने पिछले पांच दिनों में पूरे दक्षिण भारत का दौरा किया, रोड शो किए, अपनी पार्टी के लिए आक्रामक प्रचार किया और पूरी ताकत से अपने प्रतिद्वंद्वियों, खासकर तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और तेलंगाना में 10 साल तक सत्ता में रह चुकी भारत राष्ट्र समिति ( बीआरएस) पर हमला किया.

उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘शक्ति’ टिप्पणी को लेकर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को भी घेरने की कोशिश की है. प्रधानमंत्री ने भाजपा का आधार मजबूत करने के लिए न केवल एक सप्ताह से बल्कि बिगत कुछ महीनों में कई दक्षिण भारत के विभिन्न स्थानों का दौरा किया है. उन्होंने आधिकारिक कार्यक्रमों को हिंदू धार्मिक महत्व के स्थानों के दौरे के साथ जोड़ा.

लेकिन कर्नाटक को छोड़कर इस दक्षिणी क्षेत्र ने भाजपा को चुनावी लाभ नहीं दिए हैं. केरल और तमिलनाडु ने 2014 और 2019 के चुनाव में राष्ट्रीय रुझान के बावजूद भाजपा को अनुकूल सफलता नहीं मिली जबकि पार्टी ने पूरे देश में जीत हासिल की.

प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस और अन्य ‘इंडिया’ गछबंधन के अन्य घटकों पर हमला करते समय भ्रष्टाचार, वंशवाद की राजनीति और कदाचार को अपने संबोधन के केंद्र में रख रहे हैं. यहां तक ​​कि उन्होंने राहुल गांधी की ‘शक्ति’ टिप्पणी को पिछले दो दिनों से अपने संबोंधन का मुख्य मुद्दा बनाया. गांधी की टिप्पणियों पर प्रधानमंत्री ने अपनी जनसभाओं के दौरान तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.

तमिलनाडु के कोयंबटूर और केरल में पलक्कड़ जैसे गैर-महानगरीय शहरों में रोड शो ने भाजपा के इरादों को स्पष्ट किया है. इसले अधिक से अधिक मतदाताओं को लुभाने के साथ-साथ भाजपा को क्षेत्र में मौजूदा प्रमुखों दलों के एकमात्र विकल्प के रूप में पेश किया और विकास का संदेश दिया.

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केरल में प्रधानमंत्री ने दृढ़ता से घोषणा की कि कांग्रेस और वामपंथियों के प्रभुत्व वाले इस दक्षिणी राज्य में ‘कमल खिलने वाला है’, जबकि तमिलनाडु में, उन्होंने बार-बार द्रमुक को राज्य के भविष्य का दुश्मन और महिलाओं का विरोधी व भ्रष्टाचार में डूबा हुआ बताया.

उन्होंने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की दिवंगत प्रमुख और तमिलनाडु मुख्यमंत्री जे जयललिता का भी उल्लेख किया और कहा कि द्रमुक के हाथों उनके साथ व्यवहार महिलाओं के प्रति उनके रवैये का प्रमाण है. प्रधानमंत्री ने दावा किया कि इससे राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध को बढ़ावा मिला.

उन्होंने सलेम में कहा कि तमिलनाडु में भाजपा के लिए बढ़ते समर्थन से द्रमुक की नींद उड़ गई है. अन्नाद्रमुक ने पिछले साल भाजपा से नाता तोड़ लिया था और दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन ऐसा लगता है कि मोदी ने तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल को बख्श दिया है और इसकी आलोचना नहीं की है.

राहुल गांधी ने मुंबई में आयोजित एक रैली में ‘शक्ति’ को लेकर टिप्पणी की. इसे मुद्दे बनाते हुए मोदी ने कहा कि लड़ाई ‘शक्ति’ (महिलाओं) को नष्ट करने की इच्छा रखने वालों और उनकी ‘पूजा’ करने वाले लोगों के बीच है.

पश्चिमी तमिलनाडु के सलेम शहर में मोदी ने कहा, ‘‘ राष्ट्रीय कवि सुब्रमण्यम भारती की तरह मैं शक्ति का उपासक हूं.” उन्होंने कहा कि उनके लिए हर मां और बेटी ‘शक्ति’ का रूप है. मोदी ने कहा कि आगामी चुनाव उन लोगों के बीच लड़ाई होगी जो ‘शक्ति’ को नष्ट करना चाहते हैं और जो उनकी पूजा करते हैं.

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इस पूरे ज़ोर-शोर से चल रहे चुनाव प्रचार के बीच ऐसा लग रहा है कि भाजपा की तमिलनाडु इकाई ने अन्नाद्रमुक को पछाड़ दिया है. पार्टी ने डॉ. एस रामदास के नेतृत्व वाली पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के साथ सीट-बंटवारे का समझौता किया. इस समझौते पर मोदी के सलेम कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले मंगलवार सुबह हस्ताक्षर किए गए.

राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि अन्नाद्रमुक ने पीएमके के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दे दिया है, जो 2014 और 2019 के चुनावों में राष्ट्रीय जनमतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा थी. समझौते ने मोदी को यह घोषणा करने के लिए प्रेरित किया कि राजग को काम करने के लिए नई ऊर्जा मिली है. उन्होंने रामदास की वरिष्ठता और अनुभव की भी सराहना की.

पीएमके वन्नियार समुदाय के प्रभुत्व वाली पार्टी है और राज्य के कुछ उत्तरी जिलों में इसका महत्वपूर्ण प्रभाव है. प्रधानमंत्री के इस क्षेत्र में और दौरे करने की संभावना है, क्योंकि आंध्र प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव होने हैं, जहां उनकी पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा)और जनसेना के साथ गठबंधन में है. गठबंधन की कोशिश वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली मौजूदा वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार को सत्ता से हटाने की है.

(इस खबर को The Hindkeshariटीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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