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लोकसभा चुनाव 2024 का पहला चरण कल, 6 बड़े नेताओं की सीटों पर रहेगी नजर

तमिलनाडु की कोयंबटूर लोकसभा सीट पर होने वाले त्रिकोणीय मुकाबले पर सबकी नजर है. इस सीट पर तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई, डीएमके (DMK) नेता गणपति पी राजकुमार और एआईएडीएमके अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के सिंगाई रामचंद्रन उम्मीदवार हैं.

तमिलनाडु के कोयंबटूर में बीजेपी के अन्नामलाई

बीजेपी के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष की उम्मीदवारी से पता चलता है कि पार्टी दक्षिण भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है. के अन्नामलाई का तमिलनाडु की डीएमके और एआईएडीएमके जैसी पार्टियों से कड़ा मुकाबला है. दोनों दलों के समर्पित कार्यकर्ता हैं और यह तमिलनाडु की राजनीति में काफी महत्वपूर्ण है.

एक्स पर एक पोस्ट में अन्नामलाई ने कहा- “तमिलनाडु में ईमानदार राजनीतिक बदलाव के लिए, युवा राजनीति की शुरुआत के लिए, सभी के लिए समान अवसरों के फलने-फूलने के लिए, पूरे देश में कोंगु भूमि के गौरव की पहचान के लिए, कोयंबटूर को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए मैं कोयंबटूर संसदीय क्षेत्र के सभी वोटरों से कमल के निशान पर वोट करने का आग्रह करता हूं.”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर सीट पर मुकाबले के लिए फिर तैयार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी महाराष्ट्र की नागपुर सीट पर उम्मीदवार हैं. उनके विजयी होने पर इस सीट पर यह उनकी लगातार तीसरी जीत होगी. इस सीट पर गडकरी के खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार विकास ठाकरे चुनाव मैदान में हैं. ठाकरे वर्तमान में नागपुर पश्चिम से विधायक हैं.

हाल ही में नितिन गडकरी ने नागपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए ‘वचन नाम’ (घोषणापत्र) जारी किया. उन्होंने कहा कि, ”हमारी योजना नागपुर में जैविक फल, सब्जियां और खाद्यान्न बाजार खोलने की है.”

नितिन गडकरी ने पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद ही कहा था कि,  “मैं अपनी जीत को लेकर 101 प्रतिशत आश्वस्त हूं. इस बार मैं बहुत अच्छे अंतर से चुनाव जीतूंगा. जनता के समर्थन, उनके उत्साह, पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत को देखते हुए मैं 5 लाख से अधिक के अंतर से जीतने की पूरी कोशिश करूंगा.”

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सन 2019 के लोकसभा चुनावों में नितिन गडकरी ने 55.7 प्रतिशत के भारी वोट शेयर के साथ जीत दर्ज की थी. उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष नाना पटोले को 2,16,009 वोटों के अंतर से हराया था.

क्या वरुण गांधी की सीट पर सफल होंगे जितिन प्रसाद?

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के प्रमुख चेहरों में जितिन प्रसाद भी शामिल हैं. सन 2021 में कांग्रेस छोड़ने वाले प्रसाद पीलीभीत सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार हैं. वे पीलीभीत से दो बार सांसद रहे वरुण गांधी की जगह इस बार बीजेपी के प्रत्याशी हैं.

बीजेपी ने पिछले दो लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश में शानदार प्रदर्शन करते हुए अधिकांश सीटें हासिल की थीं. जितिन प्रसाद के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने भगवंत सरन गंगवार को और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने  अनीस अहम्स खान को मैदान में उतारा है.

जितिन प्रसाद ने 2004 के चुनाव में शाहजहांपुर से और 2009 के चुनाव में धारौरा सीट से जीत हासिल की थी. साल 2019 के चुनावों में बीजेपी नेता फिरोज वरुण गांधी ने पीलीभीत सीट पर 59.4 प्रतिशत वोट (704,549 वोट) पाकर उल्लेखनीय जनादेश हासिल किया था. 

गया सीट पर जीतनराम मांझी एनडीए के उम्मीदवार

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी बिहार की गया सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. 79 साल के मांझी के लिए यह चुनाव काफी राजनीतिक अहमियत रखता है. गया में सबसे अधिक 14 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. इस चुनाव में बीजेपी ने गया (रिजर्व) सीट अपने सहयोगी दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा-सेक्युलर (HAM-S) के लिए छोड़ दी है. इस बार जीतन राम मांझी और पूर्व मंत्री व आरजेडी प्रत्याशी कुमार सर्वजीत का मुकाबला है.

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पूर्व में इस सीट का नेतृत्व जेडीयू के विजय कुमार उर्फ विजय मांझी ने किया था. पिछले लोकसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार ने जीतनराम मांझी को 1.52 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था. पिछले चुनाव में उनकी पार्टी एचएएम महागठबंधन का हिस्सा थी.

जीतनराम मांझी ने पहले कहा था कि हर कोई ‘अबकी बार 400 पार’ का नारा लगा रहा है. उन्होंने कहा, “हम जहां भी जा रहे हैं, हर कोई ‘अबकी बार 400 पार’ के नारे लगा रहा है. लोग खुद कह रहे हैं कि वे पीएम मोदी को वोट देंगे. हमें कोई चुनौती नहीं दिख रही है.”

नकुल नाथ से छिंदवाड़ा छीनने के लिए बीजेपी लगा रही ताकत

सन 2019 के चुनाव में कांग्रेस द्वारा जीती गई मध्यप्रदेश की इकलौती सीट छिंदवाड़ा को छीनने में बीजेपी कोई कसर नहीं छोड़ रही है. मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के बेटे नकुल नाथ छिंदवाड़ा सीट से बीजेपी उम्मीदवार विवेक बंटी साहू के खिलाफ फिर से चुनाव लड़ रहे हैं. साहू पिछले दो विधानसभा चुनावों में कमल नाथ से हार चुके हैं.

बीजेपी ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पहले ही दिखा दिया है कि हिंदी पट्टी के राज्यों में उसका पलड़ा भारी है. साल 2019 के चुनाव में कांग्रेस नेता नकुल नाथ को कुल 47.1 फीसदी वोट शेयर था, जबकि पराजित हुए बीजेपी उम्मीदवार 44.1 फीसदी वोटों के आंकड़े तक पहुंच गए थे. मध्य प्रदेश में कुल 29 लोकसभा सीटें हैं.

नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद नकुल नाथ ने कहा था कि, ”मुझे पूरा विश्वास है कि छिंदवाड़ा की जनता मुझे फिर से अपना प्यार और आशीर्वाद देगी.”

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गौरव गोगोई इस बार काजीरंगा की जगह जोरहाट से मैदान में 

असम की जोरहाट सीट पर कल होने वाले मतदान से यह तय होगा कि लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई इस बार भी सदन में पहुंच पाएंगे या नहीं. यह क्षेत्र बीजेपी का गढ़ माना जाता है. हालांकि कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के अपने परिवार के गढ़ काजीरंगा (तत्कालीन कलियाबोर), जहां से वे मौजूदा सांसद हैं, के बजाय जोरहाट से चुनाव लड़ने के फैसले ने इस बार मुकाबला दिलचस्प बना दिया है.

जोरहाट में गौरव गोगोई के खिलाफ मौजूदा सांसद टोपोन कुमार गोगोई चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2019 के चुनाव में टोपोन को 5,43,288 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुशांत बोरगोहेन को 4,60,635 वोट मिले थे.

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