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बिहार में जल्द हो सकता है कैबिनेट विस्तार, खराब रिपोर्ट कार्ड वाले मंत्रियों का कट सकता है पत्ता


पटना:

बिहार में नीतीश कुमार (Nitish Kumar) कैबिनेट में जल्द बड़ा फेरबदल हो सकता है. सोमवार को BJP और JDU के प्रदेश अध्यक्षों के बीच बंद कमरे में आधे घंटे तक मुलाकात हुई. मीटिंग खत्म कर बाहर आए BJP प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के चेहरे पर खुशी दिखी. जिसके बाद माना जा रहा है कि नीतीश कुमार की सरकार में खराब रिपोर्ट कार्ड वाले मंत्रियों को ड्रॉप किया जा सकता है. उनकी जगह नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं.

मंगलवार को JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा से मुलाकात के बाद दिलीप जायसवाल ने कहा, “दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बूथ लेबल तक कैसे बेहतर तरीके से आपसी तालमेल बिठा कर काम करे, इसपर चर्चा हुई है. इसके अलावा हमारी पार्टी का सदस्यता अभियान भी चल रहा है. संगठन को कैसे मजबूत बनाए हमलोगों ने इसपर बात की है.”

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जब दिलीप जायसवाल से पूछा गया कि क्या कैबिनेट विस्तार होगा, तो इसपर उन्होंने कहा कि आयोग और बोर्ड की लिस्ट तैयार हो गई है. कभी भी इसकी घोषणा हो सकती है.

JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा, “NDA में आपसी तालमेल बेहतर कैसे हो, इसे लेकर बहुत जल्द को- ऑर्डिनेशन कमिटी बनाई जाएगी. इसकी चर्चा भी हुई है और आगे भी होगी. ये एक औपचारिक मुलाकात थी.” 

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अभी नीतीश कैबिनेट में किस दल से कितने मंत्री?
इस समय बिहार के मंत्री परिषद में JDU, BJP और जीतन राम मांझी की ‘हम’ को मिलाकर कुल 30 सदस्य हैं. नीतीश कुमार CM हैं. जबकि विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी डिप्टी सीएम हैं. मंत्री परिषद की अधिकतम सीमा 36 है. इसलिए 6 और मंत्री बनाए जा सकते हैं. राज्य में एक साल बाद विधानसभा का चुनाव हैं. ऐसे में  कुछ नए लोगों को भी मौका देकर विभिन्न वर्गों को साधने की कोशिश की जा सकती है.

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