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भारतीय मूल की दो इजराइली महिला सुरक्षा अधिकारी हमास के हमले में मारी गईं : सूत्र

ऐसा कहा जा रहा है कि इन दोनों महिला अधिकारियों की मौत संघर्ष के दौरान लड़ते हुए हुई है. सेना के अधिकारियों के मुताबिक, युद्ध में अब तक सेना के 286 जवान और 51 पुलिस अधिकारी मारे गए हैं.

समुदाय के कई सदस्यों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि और भी पीड़ित हो सकते हैं, क्योंकि इजराइल मृतकों की पहचान की पुष्टि कर रहा है और लापता या संभवत: अपहृत लोगों की तलाश कर रहा है.

समुदाय की 24 वर्षीय महिला शहाफ टॉकर अपने दोस्त के साथ हमले में बाल-बाल बच गई थीं. उन्होंने अपने दादा के माध्यम से ‘पीटीआई-भाषा’को अपनी आपबीती बताई.

शहाफ के दादा याकोव 1963 में 11 साल की उम्र में मुंबई से जाकर इजराइल में बस गए थे. उन्होंने बताया कि उनकी पोती अब भी सदमे में है और मानसिक पीड़ा के कारण बोलने में असमर्थ है, इसलिए उसने सोचा कि लिखित में बताने से उसका तनाव कुछ कम हो जाएगा.

याकोव उत्तरी इजराइल के पेताह टिकवा में रहते हैं. उन्होंने बताया, ‘‘आज तड़के शहाफ अपने कुछ दोस्तों के अंतिम संस्कार में शामिल हुई, जो रेव म्यूजिक पार्टी में हुए नरसंहार में मारे गए थे. पार्टी में हमास के हमले में 270 युवा मारे गए थे.”

शहाफ ने बताया कि वह अपने मित्र यानिर के साथ पार्टी में थी तभी उसने रॉकेटों को अपने सिर के ऊपर से जाते देखा.

उन्होंने बताया, ‘‘हम भागते हुए कार में पहुंचे और तेजी से गाड़ी चलाने लगे. पुलिस ने दाएं मुड़ने को कहा लेकिन यह तेल अवीव की सड़क नहीं थी, इसलिए हम वापस मुड़कर दूसरी ओर चले गए. हमारी इस गलती से जान बची क्योंकि वे (हमलावर) सड़क अवरुद्ध करके हमारा इंतजार कर रहे थे, तीन वैन में लगभग आठ चरपमंथी थे.”

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सूत्रों ने बताया कि हमले में घायल केरल की नर्स शीजा आनंद की स्थिति अब स्थिर है. हमास के सात अक्टूबर के उत्तरी इजराइल के अश्कलोन शहर पर रॉकेट से किए गए हमले में वह घायल हो गई थीं और उनके हाथ और पैर में चोट आई थी. उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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