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यूपी: इमरान मसूद ने फिर थामा कांग्रेस का हाथ, क्‍या बदलेगा राजनीतिक समीकरण

नई दिल्‍ली:

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े नेता इमरान मसूद (Imran Masood) फिर से कांग्रेस (Congress) में शामिल हो गए हैं. कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) की मौजूदगी में इमरान मसूद पार्टी में  शामिल हुए. मौक़े पर यूपी कांग्रेस के प्रमुख अजय रॉय और राष्ट्रीय सचिव प्रदीप नरवाल भी मौजूद रहे. कांग्रेस कह रही है कि अगर घर का भूला शाम तक लौट आए, तो उसे भूला नहीं कहते. इमरान मसूद भी कहते हैं कि कांग्रेस के बाद कई पार्टियों में गए, लेकिन किसी से भी चुनाव नहीं लड़ा. अब उनकी घर वापसी हो गई है.   

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कांग्रेस की तारीफ करते हुए इमरान मसूद कहते हैं, “देखिए, अब मेरी घर वापसी हो गई है और कांग्रेस पार्टी के लोग बड़े दिल के हैं. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बड़े दिल के हैं. उन्‍होंने एक बार फिर मुझे पार्टी में शामिल किया, सम्‍मान दिया, इससे बड़ी बात क्‍या हो सकती है.” 

इमरान मसूद एक समय राहुल गांधी के काफी करीबी थे. प्रियंका गांधी भी उन्‍हें बहुत तवज्‍जो देती थीं. फिर आखिर क्‍यों उन्‍होंने कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया था? इस पर इमरान मसूद कहते हैं, “राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मैं कभी दूर हो ही नहीं पाया और न कभी हो पाऊंगा. मेरा राहुल गांधी से जो रिश्‍ता है, उसे शब्‍दों में बयां नहीं किया जा सकता. इसीलिए दूसरी पार्टियों में रहते हुए भी मैंने कभी राहुल गांधी या प्रियंका गांधी के बारे में कुछ नहीं भला-बुरा नहीं कहा- ये जगजाहिर है. लेकिन उस समय परिस्थितियां ऐसी बन गई कि मुझे पार्टी को छोड़ना पड़ा.”

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वैसे इमरान मसूद ने जब कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी, तब चुनाव सिर पर थे और प्रियंका गांधी यूपी विधानसभा चुनाव की इंचार्ज थीं. ऐसे में इमरान मसूद पर कई आरोप भी लगे कि वह अपने निजी स्‍वार्थ के लिए कांग्रेस छोड़कर चले गए. लेकिन मसूद कहते हैं, “अगर ऐसा होता, तो मुझे चुनाव लड़ना चाहिए था, लेकिन मैंने वहां चुनाव नहीं लड़ा. दरअसल, उस समय स्‍थानीय कार्यकर्ताओं का दबाव मुझपर काफी था. इसलिए मैं मजबूर था, क्‍योंकि मेरा वजूद उन्‍हीं से है. विपरीत परिस्थितियों में भी मेरा वोटबैंक मेरे साथ रहता है.

 

इमरान मसूद 2022 में यूपी के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे. बाद में सपा छोड़ बहुजन समाज पार्टी में शामिल हो गए थे. बसपा में मायावती ने उन्हें पार्टी का काम न करने के लिए पार्टी से निकाल दिया था. अब फिर उन्‍होंने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है. 

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