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5 दिसंबर 5 बजे… महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के लिए इस मुहूर्त का क्या है मतलब?


नई दिल्ली/मुंबई:

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने के बाद अब महायुति की नई सरकार बनाने की तैयारी चल रही है. सरकार में पावर शेयरिंग का फॉर्मूला तय हो गया है. एकनाथ शिंदे के त्याग के बाद साफ है कि BJP से मुख्यमंत्री बनाया जाएगा. अजित पवार ने भी कह दिया है कि BJP के कोटे से CM होगा. डिप्टी CM शिंदे गुट और पवार गुट से बनाए जाएंगे. कौन मुख्यमंत्री होगा, अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है. लेकिन, शपथ ग्रहण समारोह की तारीख और वक्त का ऐलान हो चुका है. मुंबई के आजाद मैदान में 5 दिसंबर की शाम 5 बजे नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होना है. 

महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों के लिए 20 नवंबर को वोटिंग हुई थी. 23 नवंबर को नतीजे आए थे. महायुति ने 230 सीटें जीतीं. अकेले BJP ने 132 सीटें जीती, तो बहुमत के आंकड़े से 13 सीटें कम है. सवाल ये है कि इतने शानदार प्रदर्शन के बाद भी सरकार के गठन में देरी क्यों हो रही है. इसके पीछे कई कारण दिए जा रहे हैं. 

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महाराष्ट्र BJP के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके यह जानकारी साझा की है. बावनकुले ने लिखा है, “महाराष्ट्र में नई सरकार का शपथ समारोह मुंबई के आजाद मैदान ( Azad Maidan) में 5 दिसंबर को शाम 5 बजे होगा. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे.”

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एक हैं तो सेफ है का मैसेज
5 अंक को यूनिटी से जोड़कर देखा जाता है. हथेली की पांच अंगुलियां मिलकर मुट्ठी बनाती हैं, जो एकता को दर्शाती हैं. 5 अंक में PM मोदी का ‘एक हैं तो सेफ हैं’ मैसेज भी दिखता है. इसलिए जानकारों का मानना है कि BJP ने महाराष्ट्र में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 5 दिसंबर की तारीख चुनी. शपथ ग्रहण का समय शाम 5 बजे रखा गया. ताकि जनता के बीच ये मैसेज जाए कि महायुति एक है और सेफ है.

अमावस्या को भी बताया जा रहा एक वजह
हालांकि, BJP के कुछ नेताओं का कहना है कि 23 नवंबर को रिजल्ट आने के बाद सरकार के गठन को लेकर मीटिंग का दौर चला. फॉर्मूला तय होने में कुछ दिन निकल गए. फिर 1 दिसंबर को अमावस्या होने की वजह से शपथ ग्रहण की तारीख आगे बढ़ा दी गई. अब 5 दिसंबर की तारीख तय हुई है. शाम 5 बजे के शुभ मुहूर्त पर नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होगा.

इसके साथ ही महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर कई तरह की दिक्कतें आ रही थीं. हर पार्टी के अपने-अपने दावे और मांग थें. इन्हें सुलझाने में वक्त लगा.

गृह मंत्रालय नहीं देगी BJP
शिंदे सरकार में डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस के पास ही गृह मंत्रालय था. वो इस मंत्रालय को छोड़ना नहीं चाहते हैं. शिंदे गुट का तर्क है कि अगर डिप्टी CM का पद हमें मिल रहा है, तो गृह मंत्रालय भी उन्हें ही मिलना चाहिए. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक BJP गृह मंत्रालय कभी अपने हाथ से जाने नहीं देगी.

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अजित पवार का नया पंगा 
इस बीच अजित पवार की NCP ने नई सरकार में शिंदे गुट के बराबर हिस्सेदारी की मांग कर दी है. NCP नेता छगन भुजबल ने कहा भी है कि हमारा स्ट्राइक रेट बेहतर है. इसलिए मंत्रिपद भी उसी हिसाब से मिलने चाहिए.

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BJP विधायक दल का नेता चुना जाना बाकी 
शपथ ग्रहण समारोह में हो रही देरी के पीछे एक और वजह है कि BJP ने अब तक विधायक दल का नेता नहीं चुना है. ऑब्जर्वरों की निगरानी में विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इसके लिए बुधवार को विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई है. हालांकि, देवेंद्र फडणवीस का विधायक दल के नेता चुना जाना तय ही है. इसके बाद शिंदे और पवार को साथ लेकर राज्यपाल से मिल सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा.

6-1 फॉर्मूले पर पावर शेयरिंग
महाराष्ट्र में पावर शेयरिंग के लिए  6-1 का फॉर्मूला तय हुआ है. इसका मतलब ये है कि 6 विधायक पर एक मंत्रिपद मिलेगा. इस फॉर्मूले के तहत BJP अपने पास 20 से 22 मंत्री पद रखेगी. एकनाथ शिंदे गुट के पास 12 मंत्रालय होंगे. जबकि अजित पवार गुट को 9 से 10 मंत्री पद दिए जा सकते हैं.

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महाराष्ट्र में नतीजे आने के बाद क्या-क्या हुआ?
– महाराष्ट्र में 23 नवंबर को विधानसभा का रिजल्ट आया. जीत के बाद एकनाथ शिंदे ने कहा था- ‘CM तीनों पार्टियां मिलकर तय करेंगी.’ फडणवीस ने कहा था- ‘एक हैं तो सेफ हैं.’
-25 नवंबर को 1 मुख्यमंत्री और 2 डिप्टी CM का फॉर्मूला तय हुआ. महायुति की पार्टियों में हर 6-7 विधायक पर एक मंत्री पद के फॉर्मूला की बात सामने आई.
-इसके बाद 27 नवंबर को ठाणे में कार्यवाहक CM एकनाथ शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने खुद को CM की रेस से बाहर कर लिया. शिंदे ने कहा कि उन्हें BJP का CM मंजूर है. PM मोदी जो फैसला लेंगे, वो स्वीकार होगा.
-28 नवंबर को एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार की दिल्ली में अमित शाह के घर मुलाकात हुई. कोई नतीजा नहीं निकला. शिंदे ने शाह के साथ अकेले भी मुलाकात की थी.
-फिर 29 नवंबर को मुंबई में महायुति की बैठक होनी थी, जो ऐन वक्त पर टाल दी गई. दरअसल, एकनाथ शिंदे अचानक सातारा में अपने गांव चले गए. कहा गया कि शिवसेना मुख्यमंत्री पद के बदले गृह और वित्त मंत्रालय मांग रही है, जिसके लिए BJP कतई राजी नहीं है.
-इसके बाद 30 नवंबर को शपथ ग्रहण समारोह की तारीख बताई गई. 
-1 दिसंबर को अजित पवार ने साफ कर दिया कि CM BJP से होगा और शिवसेना-NCP के डिप्टी CM होंगे.

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