दुनिया

"पूरी तरह अस्वीकार्य": UN के मानवाधिकार प्रमुख ने की गाजा में अस्पताल पर हमले की निंदा

प्रतीकात्मक तस्वीर

संयुक्त राष्ट्र:

Israel Palestine War: संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने मंगलवार को गाजा पट्टी के एक अस्पताल पर हुआ घातक हमले की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “पूरी तरह अस्वीकार्य” बताया. उन्होंने जोर देकर कहा कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. वोल्कर तुर्क ने एक बयान में कहा, “मेरे पास अपनी बात कहने के लिए शब्द नहीं हैं.”

यह भी पढ़ें

गाजा शहर के अल अहली अरब अस्पताल पर हुए बड़े हमले में सैकड़ों लोग मारे गए. इनमें मरीज, स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता और कई ऐसे परिवार शामिल थे जिन्होंने अस्पताल में और उसके आसपास शरण ले रखी थी.

हमास द्वारा संचालित फिलिस्तीनी क्षेत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि विस्थापित लोगों को आश्रय देने वाले अस्पताल परिसर पर इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 200 लोग मारे गए हैं.

इजरायली सेना ने कहा कि यह हमला गाजा के आतंकवादी समूह इस्लामिक जिहाद की ओर से किया. उसका एक रॉकेट मिसफायर हो गया था.

तुर्क ने कहा, “अस्पताल पवित्र हैं और उन्हें हर कीमत पर संरक्षित किया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा कि, “हम अभी तक इस नरसंहार के पूर्ण पैमाने को नहीं जानते हैं, लेकिन जो स्पष्ट है वह यह है कि हिंसा और हत्याएं तुरंत बंद होनी चाहिए.”

तुर्क ने कहा कि इससे पहले मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित गाजा स्कूल पर हमला किया गया था, जिसमें कम से कम छह लोग मारे गए थे. वहां कम से कम 4,000 लोगों ने शरण ले रखी थी.

मानवाधिकार के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त ने कहा, “सभी प्रभावशाली देशों को इस भयानक स्थिति को समाप्त करने के लिए अपनी शक्ति से सब कुछ करना चाहिए. नागरिकों की रक्षा की जानी चाहिए और मानवीय सहायता को तत्काल जरूरतमंदों तक पहुंचने की अनुमति दी जानी चाहिए. जिम्मेदार पाए गए लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.”

यह भी पढ़ें :-  भारतवंशी वरुण घोष बने ऑस्ट्रेलिया में सीनेटर,संसद में भगवद् गीता पर हाथ रखकर ली शपथ

सात अक्टूबर को हमास आतंकवादियों द्वारा दक्षिणी इज़रायल पर हमला करने के बाद से इज़रायल गाजा में बमबारी कर रहा है. इस युद्ध में दोनों पक्षों के हजारों लोग मारे गए हैं. गाजा पट्टी पर इजरायली हवाई हमलों में अब तक लगभग 3000 लोग मारे जा चुके हैं.

Show More

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button