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"हम यहां सुरक्षित…", हमास के हमलों के बीच इज़राइल में रहने वाले भारतीय छात्रों से The Hindkeshariने की बात

नई दिल्ली:

Israel palestine conflict : इजराइल के तेल अवीव पर शनिवार को हमास आतंकवादियों के हमला करने के बाद दोनों ही देशों के बीच युद्ध जैसे हालात हैं. हमास समूह द्वारा आतंकवादी हमले के दौरान कम से कम 100 इजराइली नागरिकों और सैनिकों को बंधक बना लिया गया. भारत और इजराइल (India and Israel) के हाल के दिनों में मजबूत रिश्ते रहे हैं. भारत के सैकड़ों छात्र इजराइल में पढ़ाई करते हैं. एनडीटीवी ने इजराइल में रहने वाले भारतीय छात्रों से बात की है. भारतीय छात्रों ने कहा है कि रविवार को हालात में सुधार हुए हैं और वो वहां सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि इजराइल में इंटरनेट सुविधा जारी है और वो लोग अपने परिजनों के संपर्क में भी हैं. 

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कैसे हुई युद्ध की शुरुआत? 

आतंकवादी संगठन हमास (Hamas) ने पहले इजराइल (Israel) पर हजारों रॉकेट दागे, फिर आतंकियों ने इजराइल की सीमा में घुसकर जमकर आतंक मचाया. इस दौरान हमास आतंकियों ने सरेआम लोगों को पर गोलियां चलाईं और महिलाओं का किडनैप किया. इन घटनाओं के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. हमास के हमलों के जवाब में इजराइल की तरफ से भी गाजापट्टी पर जोरदार हमले किए गए हैं. 

हमास क्या है?

हमास एक फिलिस्तीनी आतंकी समूह है, जिसकी स्थापना 1987 में पहले फिलिस्तीनी इंतिफादा या विद्रोह के दौरान हुई थी. इसका मकसद फिलिस्तीन में इस्लामिक राज्य स्थापित करना है. इस विद्रोही समूह की स्थापना सेख अहमद यासीन ने की थी. 12 साल की उम्र से व्हीलचेयर पर रहने वाले अहमद यासीन ने साल 1987 में इजराइल के खिलाफ पहले इंतिफादा का ऐलान किया था. इंतिफादा का मतलब बगावत करना या विद्रोह करना होता है. इस फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह को ईरान का समर्थन प्राप्त है.

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